lok sabha elections 2019: BJP-Congress rebels candidates who ‘harmed party’ in Rajasthan polls | राजस्थानः लोकसभा चुनाव से पहले बागियों की होगी घर वापसी, बाहर रहे तो हो सकता है नुकसान?
राजस्थानः लोकसभा चुनाव से पहले बागियों की होगी घर वापसी, बाहर रहे तो हो सकता है नुकसान?

विधानसभा चुनाव और बाद के चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस, दोनों दलों से बागी हो कर चुनाव लड़ने वाले नेताओं में से कुछ को भले ही इन दलों ने बाहर का रास्ता दिखा दिया हो, लेकिन ज्यादातर नेता आश्वस्त हैं कि देर सवेरे उनकी घर वापसी तय है। 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि या तो ऐसे नेताओं को लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी में वापस ले लिया जाएगा, या फिर दूसरे दल उन्हें अपने साथ जोड़ लेंगे।
 
ऐसे बागी नेताओं के समर्थक और विरोधी, दोनों पार्टी में मौजूद हैं, इसलिए जहां समर्थक घर वापसी का प्रयास कर रहे हैं, वहीं विरोधियों का प्रयास है कि ऐसे नेताओ के लिए पार्टी के दरवाजे बंद कर दिए जाएं।

समर्थकों का तर्क है कि ऐसे नेताओं की वापसी से लोस चुनाव में फायदा होगा, तो विरोधियों का मानना है कि इन नेताओं की एंट्री से जहां पार्टी अनुशासन पर असर पड़ेगा वहीं बागी नेताओं को प्रोत्साहन मिलेगा, जो भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
 
विधानसभा चुनाव के बागी नेताओं के अलावा जयपुर महापौर उपचुनाव के दौरान बगावत के कारण बीजेपी से निष्कासित जयपुर महापौर विष्णु लाटा को लेकर भी सियासी चर्चाएं जोरों पर हैं।

याद रहे, बीजेपी से बगावत कर विष्णु लाटा ने कांग्रेसी सहित अन्य पार्षदों की मदद से महापौर का चुनाव जीता था, जिसमें करीब बीस बीजेपी पार्षदों का भी योगदान था। महापौर बनने के बाद विष्णु लाटा, सीएम अशोक गहलोत से मिले तो बाद में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी मिल थेे। 

हालांकि, बीजेपी ने विष्णु लाटा को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया, लेकिन अब तक वे खुलकर न बीजेपी के खिलाफ बोले हैं और न ही कांग्रेस के साथ खड़े हैं।

अलबत्ता, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी का विष्णु लाटा की घर वापसी पर कहना था कि- इस संबंध में ना तो विष्णु लाटा ने बीजेपी अनुशासन समिति में कोई आवेदन किया है और ना ही इस संबंध में माफी मांगी है। 

विष्णु लाटा को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया गया है और घर वापसी के लिए सियासी प्रक्रिया होती है, अभी ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है!

क्योंकि, जयपुर महापौर का कार्यकाल अब ज्यादा बचा नहीं है और इसी साल के अंत में निकाय चुनाव हो सकते हैं, लिहाजा विष्णु लाटा को भी जल्दी ही कोई सियासी निर्णय लेना होगा कि वे बीजेपी में वापस लौटेंगे या कांग्रेस की ओर कदम बढ़ाएंगे। 

यह इसलिए भी जरूरी है कि लोस चुनाव करीब है और उन्हें लोस चुनाव में टिकट मिल सकता है।

लेकिन, अभी तो बड़ा सवाल यही है कि लोकसभा चुनावी से पहले बीजेपी-कांग्रेस के बागियों की घर वापसी होगी या बाहर ही रहे बागी तो फिर नुकसान करेंगे?


Web Title: lok sabha elections 2019: BJP-Congress rebels candidates who ‘harmed party’ in Rajasthan polls