Lockdown: Railways issued a letter ordering them to collect rent from migrant laborers going home | Lockdown: रेलवे ने लेटर जारी कर घर जा रहे प्रवासी मजदूरों से किराया वसूलने का दिया था आदेश
सांकेतिक तस्वीर

Highlightsरेलवे बोर्ड ने अपने सर्कुलर में कहीं भी 85 फीसदी रियायत का उल्लेख नहीं किया है।भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया है कि रेलवे श्रमिक एक्सप्रेस के 85 फीसदी रियायत वाले टिकट राज्यों को दे रही है।

नई दिल्ली: लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को घर पहुंचाने के बदले उनसे जब न्यूनतम ट्रेन किराया वसूलने की बात सामने आई तो विपक्षी दलों नें केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर सवाल खड़ा किया। वहीं, सोमवार को कांग्रेस पार्टी की तरफ से सोनिया गांधी ने पत्र जारी कर मजदूरों के किराये का खर्च कांग्रेस पार्टी द्वारा वहन करने की बात कही जिसके बाद से तो इस मामले पर घमासान ही छिड़ गया।

टीओआई के मुताबिक, 2 मई को रेलवे ने एक पत्र जारी किया है। अपने इस लेटर में रेलवे मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों, श्रद्धालुओं, यात्रियों, छात्रों और अलग-अलग जगह लॉकडाउन में फंसे लोगों के लिये विशेष ट्रेन की व्यवस्था की बात की है। लेटर में कहा गया है कि जिस राज्य से भी ये विशेष ट्रेन छूटेंगी, राज्य सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई गई लिस्ट के हिसाब से रेलवे टिकट छापेगा और राज्य सरकार को देगा। इसके बाद ये टिकट स्थानीय प्रशासन यात्रियों को देकर उनसे किराया वसूलेंगे और पैसा रेलवे को सौंपा जायेगा। इस तरह साफ हो जाता है कि रेलवे ने मजदूरों से किराया वसूलने की बात कही है।

बता दें कि रेलवे बोर्ड और केंद्रीय गृह मंत्रालय के सर्कुलर टिकट चार्ज के बारे में अलग ही बात करते हैं। रेलवे बोर्ड ने अपने सर्कुलर में कहीं भी 85 फीसदी रियायत का उल्लेख नहीं किया है। उसने कहा है कि राज्य सरकार के अधिकारियों को टिकटें दी जाएंगी। वे यात्रियों से किराया वसूलेंगे और पूरी रकम रेलवे को जमा करवाएंगे। गृह मंत्रालय ने भी एक मई के अपने सर्कुलर में रियायत का कोई उल्लेख नहीं किया है, बल्कि उसने टिकट की बिक्री की बात कही है। उसका कहना है कि टिकट बिक्री के बारे में गाइडलाइन रेल मंत्रालय जारी करेगा।

इस मामले में भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया है कि रेलवे श्रमिक एक्सप्रेस के 85 फीसदी रियायत वाले टिकट राज्यों को दे रही है। राज्यों को मात्र 15 फीसदी किराया अदा करना है। पात्रा ने ट्वीट करके कहा कि संबंधित राज्य भी टिकट का यह किराया अदा कर सकते हैं। मध्य प्रदेश सरकार ऐसा ही कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी से कहा है कि कांग्रेसशासित राज्यों को भी यही करना चाहिए।

कांग्रेस ने आज केंद्र की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि उसकी राज्य इकाइयां लॉकडाउन के कारण फंसे जरूरतमंद श्रमिकों और मजदूरों के रेल टिकट का खर्च वहन करेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बयान जारी करके घोषणा की कि पार्टी ने इसके संबंध में फैसला किया है। कांग्रेस संकट के इस दौर में योगदान करने के लिए श्रमिकों के साथ खड़ी है।
 

Web Title: Lockdown: Railways issued a letter ordering them to collect rent from migrant laborers going home
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