कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने जस्टिस यूयू ललित की बतौर सीजेआई नियुक्ति के प्रस्ताव पर कहा, 'उम्मीद है कि अगले चीफ जस्टिस के कार्यकाल में सब कुछ ठीक रहेगा'

By आशीष कुमार पाण्डेय | Published: August 5, 2022 07:15 PM2022-08-05T19:15:58+5:302022-08-06T14:28:30+5:30

कानून मंत्री रिजिजू ने अगले चीफ जस्टिस की नियुक्ति के मामले में कहा कि उन्हें भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना द्वारा अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से संबंधित संभावित उत्तराधिकारी को नामित करने वाला पत्र मिल चुका है और इस संबंध में आगे की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।

Law Minister Kiren Rijiju on proposal for appointment of Justice UU Lalit as CJI, said, 'Hope everything will be fine during the tenure of the next Chief Justice' | कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने जस्टिस यूयू ललित की बतौर सीजेआई नियुक्ति के प्रस्ताव पर कहा, 'उम्मीद है कि अगले चीफ जस्टिस के कार्यकाल में सब कुछ ठीक रहेगा'

फाइल फोटो

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Highlightsकानून मंत्री ने कहा कि उम्मीद है अगले चीफ जस्टिस के कार्यकाल में सब कुछ ठीक तरीके से चलेगाकेंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें सीजेआई रमण का पत्र मिल चुका हैरिजिजू ने कहा कि सरकार सीजेआई की नियुक्ति में सभी सभी नियमों और परंपराओं का पालन करेगी

दिल्ली: केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि भारत के सर्वोच्च अदालत के अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में तमाम औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और उन्हें उम्मीद है कि अगले चीफ जस्टिस के कार्यकाल में सब कुछ सुचारू रूप से चलेगा क्योंकि मौजूदा सरकार नियमों और परंपराओं के तहत सारे कार्य करती है।

संसद भवन से बाहर निकलते हुए पत्रकारों को संबोधित करते हुए कानून मंत्री रिजिजू ने अगले चीफ जस्टिस की नियुक्ति पर कहा, उन्हें भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण द्वारा अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से संबंधित संभावित उत्तराधिकारी को नामित करने वाला पत्र मिल चुका है।

उन्होंने कहा, "चीफ जस्टिस की नियुक्ति एक प्रक्रिया के आधार पर होती है। सरकार उस प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और समय आने पर हम सभी आवश्यक कार्रवाईयों को पूरा करेंगे।"

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, "कानून मंत्रालय की ओर से नये चीफ जस्टिस की नियुक्ति के संबंध में आवश्यक सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और मुझे उम्मीद है कि नये चीफ जस्टिस के कार्यकाल में सब कुछ सुचारू रूप से चलेगा क्योंकि हमारी तरफ से सभी नियमों, मर्यादाओं और परंपराओं का पालन किया जाता है।"

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के मौजदू चीफ जस्टिस एनवी रमण इसी महीने के 26 अगस्त को पद से रिटायर हो जाएंगे। परंपरा के अनुसार चीफ जस्टिस रमण ने अपने होने वाले उत्तराधिकारी के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में वरियता के हिसाब से दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश अगले चीफ जस्टिस के तौर पर की है।

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति कॉलेजियम व्यवस्था के तहत होती है, जिसका संविधान में में कोई जिक्र नहीं है। इस कारण से कॉलेजियम व्यवस्था कई बार आलोचना के घेरे में आ चुकी है। कॉलेजियम व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश के तहत सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों का समूह देश के राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति और उनके ट्रांसफर के संबंध में सिफारिश करता है।

मान्यता के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के नियुक्ति के संबंध में मौजूदा चीफ जस्टिस के बाद सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश को नाम को वरियता दी जाती है। मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश प्राप्त करने के बाद कानून मंत्री इसे प्रधानमंत्री के समक्ष रखता है, जो राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में अपनी सलाह देते हैं। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

Web Title: Law Minister Kiren Rijiju on proposal for appointment of Justice UU Lalit as CJI, said, 'Hope everything will be fine during the tenure of the next Chief Justice'

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