Lal Krishn Advani and Murli Manohar Joshi reached, will Narendra Modi get support | बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मोदी-शाह की तूती, मार्गदर्शक मंडल कैसे स्वीकार करेगा?
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मोदी-शाह की तूती, मार्गदर्शक मंडल कैसे स्वीकार करेगा?

दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक चल रही है। यह बैठक दो दिनों तक चलेगी। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन के अनुसार यह बैठक भारतीय जनता पार्टी के इतिहास की सबसे बड़ी परिषदीय बैठक है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को सवर्ण आरक्षण के बिल को पास कराने के लिए धन्यवाद दिया जायेगा। बैठक को अमित शाह और नरेन्द्र मोदी और बाकी तमाम नेता संबोधित करेंगे। 

इस बैठक में बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल के नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और सरकार में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी पहुंची हैं। लाल कृष्ण आडवाणी की भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से नाराजगी जगजाहिर है और पिछले कुछ दिनों से जिस तरह मुरली मनोहर जोशी भी सरकार को पारदर्शिता बरतने की सलाह दे रहे थे उससे लग रहा था कि नरेन्द्र मोदी को इस बार भी मार्गदर्शक मंडल के नेताओं का विरोध झेलना होगा। 

पहुंचे आडवाणी, जोशी और सुषमा 

मुरली मनोहर जोशी संसद के प्राक्‍कलन समिति के अध्यक्ष हैं। और उन्होंने हाल ही में पीएमओ को चिठ्ठी लिखी थी, जिसमें ये कहा गया था कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के एनपीए को लेकर दी गई लिस्ट के बाद सरकार ने किन लोगों पर कारवाई की है, यह प्राक्‍कलन समिति को बताएं। मुरली मनोहर जोशी की इस चिठ्ठी के बाद मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई थी। सरकार पहले से राफेल के मुद्दे पर फंसी हुई थी, क्योंकि विपक्ष जेपीसी गठित करने की मांग पर अड़ा हुआ था।

सुषमा स्वराज ने हाल ही में एलान किया था कि वो अगले बार का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। उनके इस एलान के बाद कहा जा रहा था कि बीजेपी में मोदी-शाह युग के वर्चस्व के कारण उन्होंने ये फैसला लिया है। और इसके साथ ही विदेश मंत्रालय में अजित डोभाल की बढ़ती दखलंदाजी को लेकर भी सुषमा नाराज थीं। उनके इस एलान के बाद ही उमा भारती ने कहा कि उनका भी अगला लोकसभा चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। इसके बाद सुषमा स्वराज के एलान के पीछे के तर्कों को और भी बल मिला। 

क्या मिलेगा आशीर्वाद 

लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी इस बैठक में क्या बोलेंगे, इस बात पर सबकी नजर होंगी। क्योंकि उनके भाषण से ही ये तय होगा कि उनका आशीर्वाद नरेन्द्र मोदी को इस बार मिलेगा या नहीं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने संबोधन में बार-बार नरेन्द्र मोदी का नाम लिया और सरकार की हर योजना का क्रेडिट उन्होंने पीएम मोदी को दिया। भाजपा में कांग्रेस के इस बढ़ते कल्चर को लेकर आडवाणी-जोशी क्या सोचते हैं, इसलिए उनके भाषण का इंतजार जरूरी है। 

कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है। राहुल गांधी खुद पीएम मोदी को राफेल और किसानों के मुद्दे पर लगातार घेर रहे हैं। ऐसे में मार्गदर्शक मंडल का साथ मोदी के लिए बहुत जरूरी होगा, क्योंकि लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें नैतिक बल की जरूरत पड़ेगी। संघ का आशीर्वाद नरेन्द्र मोदी को मिल जायेगा लेकिन आडवाणी, सुषमा और जोशी का साथ मिलना उन्हें कांग्रेस के खिलाफ और मजबूती से खड़ा होने में मदद करेगा। 


Web Title: Lal Krishn Advani and Murli Manohar Joshi reached, will Narendra Modi get support
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