झारखंड हाईकोर्ट ने कहा- कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर, पहले पुलिसकर्मी, फिर वकील और अब न्यायाधीश पर हमला

By एस पी सिन्हा | Published: July 29, 2021 08:08 PM2021-07-29T20:08:39+5:302021-07-29T20:10:01+5:30

झारखंड उच्च न्यायालय ने न्यायाधीश की मौत की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया और कहा है कि जांच की निगरानी उच्च न्यायालय करेगा.

Jharkhand High Court said Law and order situation is worse first policeman then lawyer and now judge attacked | झारखंड हाईकोर्ट ने कहा- कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर, पहले पुलिसकर्मी, फिर वकील और अब न्यायाधीश पर हमला

पीठ ने धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पत्र पर संज्ञान लेते हुए याचिका में बदलाव भी करने के निर्देश दिये.

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Highlightsभारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण के सामने उठाया है.मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उच्च न्यायालय की भी पूरी तरह से मदद करेंगे.

रांचीः झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद के न्यायाधीश(एडीजे) उत्तम आनन्द की संदिग्ध मौत को गंभीरता से लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील कर दिया. मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने इस पर कड़ी टिप्पणी की.

 

खंडपीठ ने कहा कि ये हिट एंड रन का केस नहीं है, बल्कि ब्रूटल मर्डर है. खंडपीठ ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि यहां की कानून व्यवस्था नागालैंड से बदतर है. खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य में पिछले एक साल से अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है. अपराधियों पर कोई लगाम नहीं है.

अपराधियों को कोई डर-भय नहीं है. लॉ एंड ऑर्डर के मामले में नागालैंड से बदतर स्थिति झारखंड की हो गई है. खंडपीठ ने घटना की सीसीटीवी फुटेज देखते हुए कहा कि कोई बच्चा भी देखेगा तो बता सकता है कि पीछे से धक्का लगेगा तो आगे के बल गिरेगा, लेकिन जज आनंद बायीं तरफ कैसे गिरे. जरूर कोई टैंपू में बैठा हुआ था, जिसने जज पर हमला किया है.

खंडपीठ ने कहा कुछ दिन पहले एक वकील की हत्या होती है. कल जज की मौत संदेहास्पद तरीके से हो गई. कुछ दिन पहले एक पुलिस अधिकारी की भी मौत संदेह के घेरे में है. राज्य में यह क्या हो रहा है? इससे प्रतीत होता है कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है. स्थिति बदतर हो चुकी है.

अब न्यायिक व्यवस्था पर भी हमला होने लगा है. जिस समय राज्य में नक्सली प्रभाव ज्यादा था, उस समय भी जज पर हमले नहीं हुए. अब अपराधी जज को भी निशाना बनाने लगे हैं. यह गंभीर मामला है. पुलिस और सरकार को इसे गंभीरता से लेना होगा. खंडपीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि एक उच्च स्तरीय जुडिशियल ऑफिसर पर अटैक हुआ है.

यह न्यायपालिका पर प्रहार जैसा है. इससे अधिक संवेदनशील घटना क्या हो सकती है? कोर्ट को नहीं लगता है कि राज्य की पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर पाएगी. खंडपीठ ने कहा हाईकोर्ट इस मामले की मॉनिटरिंग करेगा. जांच में थोडी भी कोताही बरती गई तो मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी.

जज की दुर्घटना में मौत के बाद धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी थी. कोर्ट ने डीजीपी और धनबाद के एसएसपी को हाजिर रहने को भी कहा था. दोनों अधिकारी हाजिर भी हुए.

खंडपीठ ने कहा कि हम चाहते हैं कि असली साजिशकर्ता पकड़ा जाए. जांच करते हुए साजिशकर्ता के चेहरे से मुखौटा उतारा जाए. न्यायालय ने टिप्पणी की, ‘‘राज्य में कानून- व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गई है, कुछ दिनों पहले पुलिसकर्मी रूपा तिर्की, फिर एक वकील और अब न्यायाधीश पर हमला किया गया.’’

Web Title: Jharkhand High Court said Law and order situation is worse first policeman then lawyer and now judge attacked

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