Jammu and Kashmir Anti-Terrorism Operations CRPF has over 40 thousand bulletproof jackets, 170 armored vehicles, 80 Maruti Gypsies available | आतंकवाद विरोधी अभियानः CRPF को 40 हजार से ज्यादा बुलेटप्रूफ जैकेट, 170 बख्तरबंद गाड़ियां, 80 मारुति जिप्सी उपलब्ध
कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान और नक्सल प्रभावित राज्यों में जवानों को उपलब्ध कराया जाएगा। (file photo)

Highlightsकेंद्रीय अर्धसैनिक बल को 80 मारुति जिप्सी भी उपलब्ध कराई गई हैं जिनमें बख्तरबंद सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपुब) को 40,000 से ज्यादा बुलेटप्रूफ जैकेट और 170 बख्तरबंद वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।

नई दिल्लीः कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों और विभिन्न राज्यों में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में इस्तेमाल के लिये केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपुब) को 40,000 से ज्यादा बुलेटप्रूफ जैकेट और 170 बख्तरबंद वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बल को 80 मारुति जिप्सी भी उपलब्ध कराई गई हैं जिनमें बख्तरबंद सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे जवानों को गोलियों, ग्रेनेड हमलों और पथराव के दौरान बचाव मिल सकेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बल के लिये 176 मध्यम बुलेटप्रूफ वाहन को मंजूरी दी गई है और इनमें से प्रत्येक में 5-6 सशस्त्र जवान बैठ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ये वाहन ग्रेनेड हमले, गोलियों से बचाव कर सकते हैं। इन वाहनों को कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान और नक्सल प्रभावित राज्यों में जवानों को उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं बल के आधुनिकीकरण के अभियान के तहत सरकार ने सबसे बड़े अर्धसैनिक बल को 42 हजार “हल्के बुलेटप्रूफ जैकेट” भी उपलब्ध कराए हैं। ये जैकेट पूर्व में इस्तेमाल किये जाने वाले बुलेटप्रूफ जैकेट के मुकाबले 40 प्रतिशत हल्के हैं। पुराने बुलेटप्रूफ जैकेट का वजह करीब सात से आठ किलोग्राम होता था। 

कोविड-19 : सीएपीएफ में ठीक होने की दर 70 फीसदी

देश भर में आंतरिक सुरक्षा में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों में कोरोना वायरस से ठीक होने की दर 70 फीसदी है जबकि संक्रमण के नये मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, पांच सीएपीएफ, कमांडो फोर्स राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) में 31 मई तक कोविड-19 के कुल 1,426 मामले सामने आए थे। पांच सीएपीएफ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल शामिल हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, इन कुल मामलों में से 984 कर्मी ठीक हो चुके हैं जबकि 435 कर्मी देश के विभिन्न कोविड-19 अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके मुताबिक, ठीक होने की दर 70 फीसदी है। पांचों सीएपीएफ में सोमवार को संक्रमण के करीब 28 नये मामले सामने आए। आंकड़ों के मुताबिक, ‘‘सीमा सुरक्षा बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में ठीक होने की दर सर्वाधिक क्रमश: 91.37 फीसदी और 88.94 फीसदी है।’’ इसके मुताबिक, ‘‘सीआइएसएफ में ठीक होने की दर 57.24 फीसदी है जबकि सीआरपीएफ में ठीक होने की दर 56.07 फीसदी है।’’

कोरोना वायरस से इन बलों में आठ कर्मियों की मौत हो चुकी है जिसमें चार सीआईएसएफ के कर्मी हैं जबकि सीआरपीएफ और बीएसएफ के दो-दो कर्मी हैं। कुल सात बलों में मौत की दर 0.61 फीसदी है। इन केंद्रीय बलों में करीब दस लाख कर्मी हैं और ये बल केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आते हैं। 

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