Govt promised to feed 8 crore people, foodgrains reached only 90 lakhs in June | सरकार ने 8 करोड़ लोगों का पेट भरने का किया था वादा, जून में केवल 90 लाख तक पहुंचा खाद्यान्न, पढ़ें विशेष रिपोर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर

Highlightsप्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) की घोषणा कोरोनो वायरस की वजह से लागू से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज के हिस्से के रूप में की गई थी।पीएमजीकेएवाई के तहत सरकार प्रत्येक लाभार्थी को पांच किलोग्राम चावल या गेहूं और एक किलोग्राम दाल प्रति परिवार मुफ्त प्रदान कर रही है। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दिए जा रहे अनाज के अलावा है।

नई दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान आठ करोड़ प्रवासी श्रमिकों का पेट भरने के लिए केंद्र सरकार ने हर महीने पांच किलो राशन मुफ्त देने का 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' शुरू किया, लेकिन सरकार के दावे के विपरीत अपेक्षाकृत बहुत कम लोगों को इसका लाभ मिला है. मई महीने में मुफ्त राशन केवल 1.20 करोड़ लोगों तक पहुंचा, वहीं जून में योजना के लाभार्थियों की संख्या घटकर महज 89.88 लाख रह गई. केंद्र सरकार ने 8 लाख मीट्रिक टन खाद्यान की व्यवस्था की थी लेकिन राज्यों ने इसमें से केवल 6.39 लाख मीट्रिक टन अनाज ही उठाया.

मई और जून के दौरान मात्र 99,207 मीट्रिक टन अनाज बांटा गया

मई और जून के दौरान इसमें से मात्र 99,207 मीट्रिक टन अनाज लोगों को बांटा गया. ऐसे 1.96 करोड़ परिवारों में से प्रत्येक के लिए मई और जून में एक- एक किलो दाल की भी दी जानी थी. इसके लिए केंद्र सरकार ने 39,000 मीट्रिक टन दाल की भी व्यवस्था की थी. राज्यों ने इसमें से केवल 31,868 मीट्रिक टन दाल उठाई लेकिन लोगों को अभी तक सिर्फ 4,702 मीट्रिक टन दाल ही बांटी गई है. यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार ने कहा है कि अनाज के लिए 3109 करोड़ और दाल के लिए 280 करोड़ रु पए का पूरा खर्च वह खुद उठाएगी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

सरकार के पास 816.60 लाख मीट्रिक टन खाद्यान मौजूद है

सरकार के पास विशाल भंडार मौजूद 28 जून के आंकड़ों के अनुसार निगम के पास 816.60 लाख मीट्रिक टन खाद्यान मौजूद है. इसमें से 266.29 लाख मीट्रिक टन चावल और 550.31 लाख मीट्रिक टन गेहूं का भंडार है. यह चालू फसल सीजन की खरीद के अतिरिक्त है. योजना को आगे बढ़ाने की मांग दरअसल कई राज्य केंद्र सरकार से आपात स्थित में शुरू की गई खाद्यान्न योजना को आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. अभी तक 11 राज्यों की ओर से यह मांग की गई है. खाद्यान्न के भंडार लबालब होने के बावजूद सरकार ने अभी तक इसपर फैसला नहीं किया है.

केंद्रीय मंत्री <a href='https://www.lokmatnews.in/topics/ramvilas-paswan/'>रामविलास पासवान</a> (फाइल फोटो)
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (फाइल फोटो)

खाद्यान्न का वितरण जल्द करें राज्य -राम विलास पासवान

खाद्य एंव आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान के अनुसार आठ करोड़ श्रमिकों और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत सभी राज्यों ने मई, जून में मुफ्त वितरण के लिए अपने कोटे का अनाज और चना उठा लिया है. राज्य सरकारों से आग्रह है कि जल्द से जल्द वितरण का काम पूरा कर लें. 8 करोड़ लोगों को बिना राशन कार्ड के ही यह अनाज देने की योजना है.

Web Title: Govt promised to feed 8 crore people, foodgrains reached only 90 lakhs in June
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