Farmers' organizations condemned the central government for not starting the operation of goods trains in Punjab | पंजाब में मालगाड़ियों का परिचालन शुरू नहीं करने के लिये किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की निंदा की
पंजाब में मालगाड़ियों का परिचालन शुरू नहीं करने के लिये किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की निंदा की

चंडीगढ़, सात नवंबर केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने प्रदेश में मालगाड़ी का परिचालन शुरू नहीं करने के लिये केंद्र सरकार की निंदा की है। किसान संगठन हालांकि, यात्री ट्रेनों के परिचालन को अनुमति नहीं दिये जाने पर अड़े हुये हैं ।

किसान संगठनों ने केंद्र पर ''अड़ियल रवैया'' अपनाने का आरोप लगाया । किसान संगठनों ने केंद्र पर हाल ही में लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पंजाब को आर्थिक मोर्चे पर ''नुकसान'' पहुंचाने का भी आरोप लगाया ।

रेलवे ने शनिवार को पंजाब में मालगाड़ी का परिचालन शुरू करने से इंकार कर दिया और कहा कि वह मालगाड़ियों एवं सवारी गाड़ियों, दोनों का परिचालन एक साथ ही शुरू करेगा ।

केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ ''रेल रोको'' प्रदर्शन के साथ ही पंजाब में 24 सितंबर से रेल सेवायें बाधित है ।

इससे पहले 21 अक्टूबर को किसानों ने घोषणा की थी कि उनके रेल रोको आंदोलन से मालागाड़ियों को बाहर रखा जायेगा । इसके बाद कुछ समय के लिये रेलवे ने पंजाब में मालगाड़ियों का परिचालन शुरू किया था लेकिन बाद में यह कहते हुये इसे दोबारा बंद कर दिया कि किसानों ने अभी रेल पटरियों को खाली नहीं किया है ।

क्रांतिकारी किसान युनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया, ''पंजाब में मालगाड़ियों का परिचालन शुरू नहीं करने के लिये हम रेलवे और केंद्र के इस अड़ियल रवैये की कड़ी निंदा करते हैं ।''

प्रदेश में कृषि कानून का विरोध करने वाले 30 कृ​षक संगठनों ने हालांकि कहा कि वे यात्री गाड़ी के परिचालन की अनुमति नहीं देंगे ।

भारतीय किसान यूनियन (दकुंदा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा, ''किसान संगठनों ने पहले ही कहा है कि वे केवल मालगाड़ियों के परिचालन की अनुमति देंगे और सवारी गाड़ी को नहीं ।''

उन्होंने कहा, ''केंद्र सरकार आधारहीन बहाना बना कर पंजाब को आर्थिक मोर्चे पर नुकसान पहुंचाना चाह रही है।''

पंजाब सरकार ने इससे पहले शुक्रवार को कहा था, ''पंजाब में मालगाड़ियों के बिना किसी बाधा के परिचालन के लिये पूरे प्रदेश में रेल पटरियों को खाली करा लिया है ।

मालगाड़ियों का परिचालन निलंबित किये जाने से प्रदेश में बिजली का संकट पैदा हो गया है क्योंकि थर्मल प्लांटों में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुयी है।

इससे रबी फसल के लिये खाद की अपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुयी है । इसके अलावा कृषि, उद्योग एवं दैनिक जीवन पर भी इसका असर हुआ है।

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Web Title: Farmers' organizations condemned the central government for not starting the operation of goods trains in Punjab

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