केंद्र को पानी पिलाने वाले पंजाब के किसानों ने अब खोला भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा

By आशीष कुमार पाण्डेय | Published: May 18, 2022 02:24 PM2022-05-18T14:24:50+5:302022-05-18T14:33:42+5:30

पंजाब के किसान अब सूबे की भगवंत मान सरकार के खिलाफ भी बगावत के मूड में आ गये हैं। अपनी मांगों को लेकर किसान बीते मंगलवार से पूरे लाव-लश्कर के साथ चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर धरना दे रहे हैं।

farmers of Punjab, who defeated the central government, now opened a front against the Bhagwant Mann government | केंद्र को पानी पिलाने वाले पंजाब के किसानों ने अब खोला भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा

केंद्र को पानी पिलाने वाले पंजाब के किसानों ने अब खोला भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा

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Highlightsपंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ किसान जुटे चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पंजाब पुलिस किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड्स और वॉरट कैनन के साथ उनके सामने हैकिसान गेहूं पर बोनस, 10 जून से धान की बुवाई और बिजली छूट समेत कई मांगों को लेकर धरनारत हैं

चंडीगढ़: न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोले हुए पंजाब के किसान अब सूबे की भगवंत मान सरकार के खिलाफ भी बगावत के मूड में आ गये हैं।

आप सरकार से अपनी मांग को लेकर आंदोलन करने का मन बना चुके किसान बीते मंगलवार से पूरे लाव-लश्कर के साथ चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर धरना दे रहे हैं।

वहीं पंजाब पुलिस ने भी किसानों को रोकने के लिए ठीक वही रास्ता अपनाया है, जैसा कि करीब 6 महीने पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली सीमा पर किसानों को रोकने के लिए अपनाया था। पंजाब पुलिस के जवान भी किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड्स, वॉरट कैनन सहित अन्य साज-ओ-सामान से लैस होकर उन्हें रोकने के लिए डटे हुए हैं।

समाचार वेबसाइट 'द इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक पंजाब की आप सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान गेहूं पर बोनस और 10 जून से धान की बुवाई शुरू करने और बिजली मे छूट समेत कई मांगों को लेकर धरनारत हैं।

इस मामले में किसानों की ओर से बोलते हुए उनके नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार तक प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात करके उनकी शिकायतों को हल करने की दिशा में काम नहीं करते हैं तो किसान बैरिकेड्स तोड़कर चंडीगढ़ में दाखिल हो जाएंगे।

वहीं जगजीत सिंह के साथ मौजूद एक अन्य किसान नेता ने कहा, “पंजाब सरकार के खिलाफ यह तो महज हमारे संघर्ष की शुरुआत है। अभी तो केवल 25 फीसदी किसान चंडीगढ़ सीमा पर पहुंचे हैं। बुधवार तक और भी किसान हमारे साथ जुड़ जाएंगे। हमारे लिए यह 'करो या मरो' की लड़ाई है।”

किसान नेताओं की मांग है कि भगवंत मान सरकार भयंकर गर्मी को देखते हुए उपज में आयी गिरावट का संज्ञान ले और गेहूं पर किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दे। इसके अलावा जैसा का सीएम भगवंत मान ने धान की बुवाई की तारीख 18 जून को घोषित की है, उसे पहले करते सरकार 10 जून से धान की बुवाई की अनुमति दे।

इसके साथ ही मक्का और मूंग की पैदावार के लिए एमएसपी की अधिसूचना जारी करे और बासमती के लिए 4,500 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी तय करे।

इन मांगों के अलावा प्रदर्शनकारी सहकारी समितियों से कर्ज लेने वाले किसानों के खिलाफ जारी हुए गिरफ्तारी वारंट को रद्द करने और 2 लाख रुपये तक के कृषि कर्ज माफ की मांग कर रहे हैं।

बिजली के मुद्दे पर पंजाब के किसान राज्य सरकार से मांग कर रहे हैं कि बिजली के भार को 4,800 रुपये से कम करके 1,200 रुपये करे और 10-12 घंटे बिजली आपूर्ति हो और साथ में किसान बिजली विभाग की ओर से लगाये जा रहे स्मार्ट मीटर का भी विरोघ कर रहे हैं। किसान मान सरकार से यह भी चाहते हैं कि राज्य सरकार किसानों का गन्ना बकाये भुगतान को तत्काल जारी करे। 

Web Title: farmers of Punjab, who defeated the central government, now opened a front against the Bhagwant Mann government

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