Highlightsकिसानों को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने राज्य के बॉर्डर सील कर दिए हैंकई किसान नेताओं की हुई है गिरफ्तारी, मनोहर लाल खट्टर ने कहा- कांग्रेस भड़का रही है किसान यूनियन को

चंडीगढ़: केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 26 और 27 नवंबर को दिल्ली कूच करेंगे. किसानों को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने दो दिन के लिए राज्य के बॉर्डर सील कर दिए हैं. मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने लोगों से दो दिन के लिए कहीं आना-जाना भी स्थगित करने का आग्रह किया है.

इस बीच मंगलवार की रात में छापेमारी कर कई किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया. इसको देखते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी भूमिगत हो गए हैं.

किसान और पुलिस के बीच टकराव की आशंका

बॉर्डर पर भारी तादाद में पुलिस की तैनाती को देखते हुए किसानों और पुलिस के बीच हिंसक टकराव होने की आशंका बनी हुई है. चढूनी ने किसी अज्ञात जगह से अपना एक वीडियो वायरल कर किसानों से कहा है कि उन्हें बैरिकेट्स तोड़कर कुंडली बैरियर पर पहुंचना होगा.

पुलिस के साथ टकराव से बचने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा है कि जहां भी उन्हें रोका जाए, वहीं सड़क पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाए. दिल्ली कूच का मकसद केंद्र सरकार को कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर करना है. मुख्यमंत्री खट्टर ने माना कि किसानों के 26 व 27 नवंबर के दिल्ली कूच को देखते हुए पुलिस ने किसान नेताओं को गिरफ्तार किया है.

'आंदोलन में किसान नहीं, किसान यूनियन सक्रिय'

खट्टर का कहना है कि आंदोलन में किसान नहीं, बल्कि किसान यूनियन सक्रिय हैं और कांग्रेस उन्हें भड़काने की कोशिश कर रही है. कृषि कानून किसानों के हित में हैं और आने वाले समय में यह बात किसानों की समझ में भी आ जाएगी.

दिल्ली पहुंचने के लिए पंजाबहरियाणा के किसानों ने पांच मार्ग तय किए थे. ऐसे में पुलिस ने पंजाब के किसानों को अंबाला बॉर्डर पर ही रोक लेने की योजना बनाई है.

हरियाणा में सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद में दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर सील किया गया है. पुलिस की कोशिश रहेगी कि किसानों को दिल्ली में दाखिल ही नहीं होने दिया जाए. इस बीच किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के लिए पंजाब से रवाना की गई राशन से लदीं 40 ट्रालियों को हरियाणा सरकार ने बार्डर पर ही रोक लिया है.

दिल्ली पुलिस ने किसानों के अनुरोधों को खारिज किया

इस बीच दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि उसने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के लिए विभिन्न किसान संगठनों से मिले सभी अनुरोधों को खारिज कर दिया है.

पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) ने ट्वीट किया,''26 और 27 नवंबर को दिल्ली आने वाले किसान संगठनों से मिले अनुरोधों को खारिज कर दिया गया है. आयोजकों को पहले ही अवगत करा दिया गया है. दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग करें और कोरोना वायरस महामारी के बीच दिल्ली में जमावड़ा न करें. ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.''

Web Title: Farmers Delhi Chalo agitation, Haryana tightens security as borders get seal amid violent confrontation with police

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे