False marriage promise wrong but if couple living together can intercourse be termed rape asks CJI | सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी के लिए झूठा वादा करने वाले पुरुष-महिला को लेकर कही यह बात
प्रतीकात्मक तस्वीर। (फाइल फोटो)

Highlightsभारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने झांसा देकर शादी करने वालों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है।एक महिला ने अपने पति के खिलाफ झूठा वादा कर शादी करने का आरोप लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट  ने शादी को लेकर झूठा वादा करने वालों को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी से झूठी शादी का वादा करना गलत है।  फिर चाहे वो पुरुष हो या महिला। यहां तक कि महिला को भी झूठा वादा नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने एक मामले में शादी का झूठा वादा करके बलात्कार के आरोप में चल रही सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। 

महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी विनय प्रताप सिंह ने धोखे से उसकी सहमति ली और मनाली के एक मंदिर में शादी कर उसका इस्तेमाल किया। लड़की ने कोर्ट से कहा कि उसका रेप हुआ है। जबकि याचिकाकर्ता के मुताबिक उसने लड़की से सहमति लेकर ऐसा किया था। याचिकाकर्ता की वकील ने इसके साथ ही यह भी कहा कि दोनों के बीच शादी नहीं हुई है। वह बस साथ में रह रहे थे। 

आरोपी के वकील का कहना है कि महिला ने रिश्तों में खटास आने के बाद एफआईआर दर्ज कराई है। इससे पहले उसने इन सब बातों का कभी जिक्र नहीं किया। जब इन दोनों के रिश्तों में दरार आने लगे तो महिला ने इस तरह का आरोप लगाया। आरोपी के मुताबिक, दोनों दो साल तक संबंधों में थे लेकिन 2019 में उसने किसी ओर से शादी कर ली। महिला के साथ रहता था और उसे बेरहमी से पीटता था, उन्‍होंने चोटों का मेडिकल सर्टिफिकेट भी दिखाया।

Web Title: False marriage promise wrong but if couple living together can intercourse be termed rape asks CJI

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