Economic package: Finance Minister Nirmala Sitharaman will press conference at 11 am, will announce the last phase of economic relief | Economic package: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 बजे करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेस, आर्थिक राहत के आखिरी चरण का करेंगी ऐलान
आर्थिक पैकेज के आखिरी चरण का ऐलान आज सुबह 11 बजे किया जाएगा।

Highlights वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 बजे फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगीनिर्मला सीतारमण ने शनिवार को 20 लाख करोड़ रुपए के 'आत्मनिर्भर भारत' पैकेज की चौथी किस्त का ऐलान किया।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की विस्तृत जानकारी देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 बजे फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। आपको बता दें कि वित्त मंत्री अब तक इस पैकेज के चार चरणों का ऐलान कर चुकी हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को 20 लाख करोड़ रुपए के 'आत्मनिर्भर भारत' पैकेज की चौथी किस्त का ऐलान किया। इसमें उन्होंने 8 क्षेत्रों में सुधारों की घोषणा की। उन्होंने कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, सामाजिक बुनियादी ढांचा, विमानन, बिजली वितरण, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुधारों की घोषणा की।

इस आर्थिक पैकेज के आखिरी चरण का ऐलान आज सुबह 11 बजे किया जाएगा। पिछले तीन दिनों में तीन किस्तों में सरकार ने 10.73 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की है। आज प्रेस ब्रीफिंग करने आईं वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का सुधारों को लेकर बेहतरीन रिकॉर्ड रहा है। 

जानें आर्थिक पैकेज के चौथे चरण में क्या-क्या ऐलान हुआ? 

रक्षा उत्पादन क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कई उपायों की घोषणा की। उन्होंने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ हथियारों और मंचों के आयात पर प्रतिबंध रहेगा।

आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त जारी करते हुए सीतारमण ने कहा कि आयात के लिए प्रतिबंधित उत्पादों की खरीद सिर्फ देश के भीतर की जा सकेगी। सीतारमण ने कहा कि अभी आयात हो रहे कुछ कलपुर्जों का घरेलू उत्पादन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे रक्षा आयात खर्च में कमी लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए आयुध कारखाना बोर्ड को कंपनी बनाया जाएगा। बाद में इसे शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जाएगा। सीतारमण ने साथ ही यह स्पष्ट किया कि आयुध कारखाना बोर्ड को कंपनी बनाने का यह मलब नहीं है कि उसका निजीकरण किया जाएगा।

जानें, आर्थिक पैकेज के तीसरे चरण में क्या-क्या ऐलान हुआ? 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कृषि उपज के रखरखाव, परिवहन एवं विपणन सुविधाओं के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कषि ढांचागत सुविधा कोष की घोषणा की। वित्त मंत्री ने यहां आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त की घोषणा करते हुए कहा कि इस कोष का इस्तेमाल शीत भंडारगृह, कटाई के बाद प्रबंधन ढांचे पर किया जाएगा।

साथ ही वित्त मंत्री ने सूक्ष्म खाद्य उपक्रमों (एमएफई) को संगठित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की योजना की भी घोषणा की। यह योजना दो लाख एमएफई की मदद के लिए शुरू की जाएगी। इसके तहत क्लस्टर आधारित रुख अपनाया जाएगा। मसलन उत्तर प्रदेश के लिए आम, बिहार में मखाना, जम्मू-कश्मीर में केसर, पूर्वोत्तर के लिए बांस, आंध्र प्रदेश के लिए लाल मिर्च जैसे क्लस्टर बनाने की सुविधा के लिये इस कोष इस्तेमाल किया जायेगा। समझा जाता है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने की वजह से इस कोष के जरिये नए बाजारों को भारतीय उत्पादों का निर्यात किया जाएगा।

जानें आर्थिक पैकेज के दूसरे चरण में क्या-क्या ऐलान हुआ? 

सरकार ने 'लॉकडाउन' के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के दूसरे चरण में प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज, किसानों को सस्ता कर्ज और रेहड़ी पटरी वालों को कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराने के लिये 3.16 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की। 

महामारी के मद्देनजर देश को आत्म-निर्भर बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतामण ने बीते दिन (14 मई) आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो महीने के लिए 5 किलो प्रति व्यक्ति अनाज और प्रति परिवार एक किलो दाल (चना) मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। 

साथ ही देश व्यापी लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हुए 50 लाख रेहड़ी पटरी वालों को 10,000-10,000 रुपये तक कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये 2 लाख करोड़ रुपये का रियायती कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। 

पढ़ें पहले चरण में  वित्त मंत्रालय द्वारा क्या-क्या बड़े ऐलान किए गए हैं? 

-नकदी की भारी तंगी से जूझ रही बिजली वितरण कंपनियों को सहारा देते हुए सरकार ने बुधवार को कहा कि उनके बकाया के भुगतान के लिए 90,000 हजार करोड़ रुपये तक की नकदी दो किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था का चक्र घुमाने के लिये बिजली वितरण कंपनियों का संकट दूर किया जाना जरूरी है। 

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत आने वाले सभी प्रतिष्ठानों में नियोक्ताओं और कर्मचारियों के भविष्य निधि योगदान को तीन माह के लिए सांविधिक योगदान मूल वेतन के 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की। कर्मचारियों को जेबों में अधिक पैसा डालने और नियोक्ताओं को पीएफ (भविष्य निधि) बकाया के भुगतान में राहत देने के लिये यह कदम उठाया गया है। इससे दोनों को कुल 6,750 करोड़ रुपये की नकदी सुलभ होगी।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विशेष पैकेज के पहले चरण को सामने रखते हुए कहा कि भारतीय एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये तक के ठेकों के लिए कोई वैश्विक निविदा जारी नहीं की जाएगी। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों समेत छोटे कारोबारियों को 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी वाला कर्ज उपलब्ध कराने और गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) तथा आवास वित्त कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की नकदी सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है।

Web Title: Economic package: Finance Minister Nirmala Sitharaman will press conference at 11 am, will announce the last phase of economic relief
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