हिमाचल में यमुना खतरे के निशान से ऊपर, दिल्ली में अलर्ट, हथिनी कुंड बैराज के सभी 18 गेट खुले

By सतीश कुमार सिंह | Published: July 28, 2021 06:16 PM2021-07-28T18:16:01+5:302021-07-28T18:17:11+5:30

Delhi weather update: आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पिछले साल 236.9 मिमी, 2019 में 199.2 मिमी और 2018 में 286.2 मिमी बारिश हुई। 2013 में दिल्ली में 340.5 मिमी बारिश हुई थी।

Delhi on alert Yamuna flows above danger mark in Himachal gates of Hathni Kund barrage opened | हिमाचल में यमुना खतरे के निशान से ऊपर, दिल्ली में अलर्ट, हथिनी कुंड बैराज के सभी 18 गेट खुले

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बारिश के दिनों की संख्या कम हुई। (फाइल फोटो)

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Highlightsजुलाई में 2003 में सबसे अधिक 632.2 मिमी बारिश हुई थी।ओरेंज अलर्ट अत्यधिक खराब मौसम के लिए जारी किया जाता है।धौला कुआं सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया।

Delhi weather update: हिमाचल प्रदेश में यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दिल्ली को अलर्ट पर रखा गया है। हथिनी कुंड बैराज में 1,60,000 क्यूसेक पानी बह रहा है। इसी दबाव के चलते हथिनी कुंड बैराज (हरियाणा के यमुनानगर में) के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं।

पश्चिमी यमुना नहर भी अपने उच्चतम स्तर पर बह रही है। यमुना नदी से सटे इलाकों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे हथिनी कुंड बैराज में 1,59,753 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन में सबसे ज्यादा है।

बुधवार सुबह छह बजे पानी का घनत्व महज 23,415 क्यूसेक था। सिंचाई विभाग इसे खतरे का निशान 70 हजार क्यूसेक मानकर अलर्ट जारी कर रहा है। हालांकि ढाई लाख क्यूसेक पानी और बाढ़ की घोषणा नहीं होने तक स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन साथ ही, जिला प्रशासन ने दिल्ली को अलर्ट भेज दिया है, क्योंकि अगले 72 घंटों में पानी राजधानी में पहुंच जाएगा और निचले इलाकों में बाढ़ का कारण बनेगा।

भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में ‘‘मध्यम से भारी’’ बारिश की संभावना जताते हुए ओरेंज अलर्ट जारी किया है तथा यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में मानसून के कारण एक हफ्ते तक ‘‘हल्की से मध्यम’’ बारिश हो सकती है।

गौरतलब है कि 15 मिलीमीटर से कम की बारिश को हल्की, 15 से 64.5 मिमी के बीच को मध्यम, 64.5 से 115.5 मिमी के बीच को भारी, 115.6 से 204.4 मिमी के बीच को बहुत भारी बारिश माना जाता है। वहीं 204.4 मिमी से अधिक की बारिश को अत्यधिक भारी बारिश माना जाता है। राजधानी में इस महीने अभी तक 386.3 मिमी तक बारिश हुई है जो सामान्य 190.4 मिमी बारिश से 103 प्रतिशत अधिक है। यह 2003 के बाद से जुलाई में हुई सर्वाधिक बारिश है तथा अब तक की दूसरी सबसे अधिक बारिश है।

मंगलवार सुबह (साढ़े आठ बजे से पहले) सफदरजंग वेधशाला ने महज तीन घंटों में 100 मिमी बारिश दर्ज की। उसने बुधवार को साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में 5.4 मिमी बारिश दर्ज की। पालम, रिज और आयानगर मौसम केंद्रों ने क्रमश: 68.7 मिमी, 13 मिमी और 29.1 मिमी बारिश दर्ज की।

राजधानी में इस महीने अभी तक 15 दिन बारिश हुई है। दिल्ली में 13 जुलाई को पहुंचे मानसून से अब बारिश होने लगी है, निचले इलाकों में जलभराव हो गया है तथा यातायात बाधित हो गया है। सामान्य तौर पर दिल्ली में जुलाई में 210.6 मिमी. बारिश हुई है।

Web Title: Delhi on alert Yamuna flows above danger mark in Himachal gates of Hathni Kund barrage opened

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