COVID-19: IRCTC has started taking the destination address of all passengers from 13th May | कोरोना संकट: IRCTC का फैसला, रेल में यात्रा के लिए अब केवल स्टेशन नहीं अपने गंतव्य तक की देनी होगी जानकारी
भारतीय रेल ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

Highlights15 मई से अगर आप IRCTC की वेबसाइट या उसके ऐप से टिकट बुक करेंगे तो आप वेटिंग टिकट भी ले सकेंगे।रेलवे फिलहाल दिल्ली से देश के 15 अलग-अलग शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रही है।

नई दिल्ली:  भारतीय रेलवे ने कहा है कि आईआरसीटीसी (IRCTC) ने 13 मई से ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले सभी यात्रियों का गंतव्य पता लेना शुरू कर दिया है। रेलवे ने कहा है कि ऐसा करने से हमें बाद में जरूरत पड़ने पर संपर्क करने में मदद मिलेगी। यानी रेलवे में टिकट बुक कराने के लिए अब आपको गंतव्य तक की जानकारी देनी होगी। 

भारतीय रेलवे मेल, एक्सप्रेस और कुर्सी यान सेवा जल्द जल्द शुरू करने वाला है।  रेलवे बोर्ड ने बुधवार (13 मई)  को न केवल अपनी वर्तमान विशेष ट्रेनों, बल्कि आगामी सभी ट्रेनों में यात्रा के लिए 22 मई से प्रतीक्षा सूची का प्रावधान शुरू करने संबंधी आदेश जारी किया है। 

रेलवे फिलहाल दिल्ली से देश के 15 अलग-अलग शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रही है। इन स्पेशल ट्रेनों में स्लीपर कोच नहीं हैं। लेकिन खबरों के मुताबिक जल्द ही इसमें स्लीपर कोच भी जोड़े जाएंगे। मंगलवार (12 मई)  से चल रहीं इन स्पेशल ट्रेनों से बुधवार शाम तक 18 हजार यात्री सफर कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक आईआरसीटीसी से 2 लाख से ज्यादा टिकट बुक हो चुके हैं।

IRCTC से अब ले सकेंगे वेटिंग टिकट भी 

15 मई से अगर आप IRCTC की वेबसाइट या उसके ऐप से टिकट बुक करेंगे तो आप वेटिंग टिकट भी ले सकेंगे। अब तक सिर्फ कन्फर्म टिकटों की ही बुकिंग हो रही थी। एसी स्पेशल इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट वाले टिकट 22 मई या उसके बाद की यात्राओं के लिए होंगे। 

एसी चेयरकार और 3AC में अधिकतम 100-100 वेटिंग टिकट तो 2AC में 50 वेटिंग टिकट जारी होंगे। एग्जिक्यूटिव क्लास और 1AC में अधिकतम 20-20 वेटिंग टिकट जारी होंगे।

रेलवे ने कहा- कोविड-19 के लक्षणों के कारण यात्रा से रोके जाने वाले लोगों को टिकट के पूरे पैसे लौटाए जाएंगे

रेलवे ने कहा है कि कोरोना वायरस के लक्षण होने के कारण जिन यात्रियों को रेलगाड़ी में सफर करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, उन्हें टिकट के पूरे पैसे लौटाए जाएंगे। गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी यात्रियों की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी और केवल ऐसे लोगों को ही ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी, जिनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं होंगे।

आदेश में कहा गया, '' अगर जांच के दौरान यात्री के शरीर का तापमान अधिक है अथवा उसमें कोविड-19 के लक्षण आदि दिखाई देते हैं तो कन्फर्म टिकट होने के बावजूद उसे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामले में यात्री को टिकट के पूरे पैसे लौटाए जाएंगे।''

इसमें कहा गया कि अगर कई यात्रियों ने एक ही टिकट में अपनी बुकिंग कराई हैं और उनमें से एक यात्री को सफर करने के लिए अयोग्य पाए जाने पर अन्य यात्री भी यात्रा नहीं करना चाहते, तो उस टिकट का पूरा पैसा लौटाया जाएगा।

इसी तरह, अगर एक यात्री के अयोग्य पाए जाने के बाद समूह के अन्य लोग यात्रा करना चाहते हैं तो केवल एक यात्री का किराया वापस किया जाएगा। आदेश में कहा गया है, ‘‘इन सभी उक्त मामलों में मौजूदा प्रक्रिया के तहत प्रवेश एवं जांच स्थानों पर यात्रियों के लिए टीटीई प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे, जिनमें एक या अधिक यात्रियों में कोविड-19 के लक्षणों के कारण यात्रा नहीं कर पा रहे यात्रियों की संख्या का जिक्र होगा।’’ इसमें कहा गया है कि यात्रा नहीं कर पाने वाले यात्री का पूरा किराया आईआरसीटीसी द्वारा ग्राहक के खाते में भिजवाया जाएगा। (पीटीआई-भाषा इनपुट के साथ)

Web Title: COVID-19: IRCTC has started taking the destination address of all passengers from 13th May
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