न्यायालय ने हत्या मामले में मध्य प्रदेश बसपा विधायक के पति की जमानत रद्द की

By भाषा | Published: July 22, 2021 10:26 PM2021-07-22T22:26:08+5:302021-07-22T22:26:08+5:30

Court cancels bail of Madhya Pradesh BSP MLA's husband in murder case | न्यायालय ने हत्या मामले में मध्य प्रदेश बसपा विधायक के पति की जमानत रद्द की

न्यायालय ने हत्या मामले में मध्य प्रदेश बसपा विधायक के पति की जमानत रद्द की

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नयी दिल्ली, 22 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या के मामले में मध्य प्रदेश की बसपा विधायक के पति की जमानत बृहस्पतिवार को रद्द कर दी। साथ ही, न्यायालय ने कहा कि न्यायपालिका को राजनीतिक दबाव और विचारों से मुक्त रहना चाहिए, अन्यथा नेताओं को खुली छूट मिल जाएगी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोपी को कानून के शासन से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने निष्पक्ष आपराधिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए बसपा विधायक रामबाई सिंह के पति गोविंद सिंह को पुलिस महानिदेशक के निर्देशों में दूसरी जेल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का जमानत का आदेश रद्द करते हुए कहा कि उसने कानूनी सिद्धांतों का सही इस्तेमाल नहीं किया।

पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने आरोपी को जमानत देने में गंभीर गलती की है।

पीठ ने कहा, ‘‘भारत में समानांतर कानूनी प्रणालियां नही हो सकती, अमीर एवं संसाधन संपन्न और राजनीतिक शक्ति तथा प्रभाव रखने वाले के लिए एक, जबकि अन्याय से लड़ने या न्याय पाने के लिए संसाधन विहिन लेागों के लिए दूसरा।’’

शीर्ष अदालत ने कहा कि दुर्भाग्य से उच्च न्यायालय ने आपराधिक प्रक्रिया की पवित्रता को संरक्षित रखने का अपना कर्तव्य निभाने में चूक की।

शीर्ष अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की आशंका की एक महीने के भीतर जांच की जाए। न्यायाधीश ने अपने 8 फरवरी के आदेश में कहा था कि दमोह पुलिस अधीक्षक और उनके अधीनस्थों द्वारा उन पर "दबाव" डाला गया था।

शीर्ष अदालत ने फरार चल रहे सिंह को गिरफ्तार करने के लिये मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पांच अप्रैल तक का समय दिया था और कहा था कि अन्यथा उन्हें दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना होगा। इसके बाद ही पुलिस ने 28 मार्च को सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।

शीर्ष अदालत ने 26 मार्च को कहा था कि आरोपी को बचाने का प्रयास किया गया क्योंकि डीजीपी ने कहा था कि अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार या पकड़ नहीं पायी थी।

शीर्ष अदालत ने चौरसिया के बेटे सोमेश और राज्य सरकार की अपील पर यह फैसला सुनाया। इन अपील में सिंह की जमानत रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

दलीलों में दावा किया गया कि वह जमानत पर रहते हुए कई हत्या के मामलों में शामिल था।

चौरसिया की मार्च 2019 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने तब सिंह और अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।

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Web Title: Court cancels bail of Madhya Pradesh BSP MLA's husband in murder case

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