न्यायालय ने बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर फिर रोक लगाई

By भाषा | Published: November 25, 2021 01:50 PM2021-11-25T13:50:12+5:302021-11-25T13:50:12+5:30

Court again bans construction activities in Delhi-NCR in view of increasing pollution | न्यायालय ने बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर फिर रोक लगाई

न्यायालय ने बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर फिर रोक लगाई

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नयी दिल्ली, 25 नवंबर उच्चतम न्यायालय ने खराब होती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निर्माण गतिविधियों पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया है। न्यायालय ने राज्यों को निर्देश दिया कि निर्माण गतिविधियों पर रोक रहने की अवधि के दौरान वे श्रमिकों को श्रम उपकर के तौर पर एकत्रित धनराशि में से गुजारा भत्ता दें।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की विशेष पीठ का अंतरिम आदेश बुधवार रात को अपलोड किया गया। इसमें पीठ ने एनसीआर और इर्दगिर्द के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन दी एनसीआर ऐंड एड्जॉइनिंग एरियाज) को निर्देश दिया कि वह ‘‘वायु प्रदूषण के रिकॉर्ड किए गए स्तरों पर पिछले वर्षों के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर वायु गुणवत्ता का एक वैज्ञानिक अध्ययन करे।’’

पीठ ने कहा, ‘‘हम निर्देश देते हैं कि ग्रेडेड रेस्पांस प्लान के तहत कार्रवाई शुरू करने से पहले वायु गुणवत्ता के और खराब होने का इंतजार करने के बजाए वायु गुणवत्ता के खराब होने की आशंका के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके लिए, यह आवश्यक है कि आयोग मौसम विज्ञान संबंधी आंकड़े और गणितीय प्रतिमानों का ज्ञान रखने वाली विशेषज्ञ समितियों की सेवाएं ले।’’

प्रदूषण संबंधी आयोग और एनसीआर राज्यों (दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान) से प्रदूषण में वृद्धि को रोकने के उपायों को जारी रखने का निर्देश देते हुए पीठ ने निर्माण गतिविधियों को 22 नवंबर से शुरू करने की इजाजत देने संबंधी फैसले को सुरक्षित रखा।

न्यायालय ने आदेश में कहा, ‘‘इस बीच, अंतरिम उपाय के तौर पर और अगले आदेश तक हम एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर पुन: रोक लगाते हैं, हालांकि इस दौरान निर्माण से संबंधित गतिविधियां मसलन नलके, पाइपलाइन का कार्य, इंटीरियर डेकोरेशन, इलेक्ट्रिकल काम, कारपेंटर का काम जिनसे प्रदूषण नहीं फैलता है वे जारी रह सकती हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘निर्माण गतिविधियों पर रोक की अवधि के दौरान राज्य निर्माण क्षेत्र के कामगारों के कल्याण के लिए एकत्रित किए गए श्रम उपकर का इस्तेमाल उन्हें गुजरा भत्ता देने के लिए और संबंधित श्रेणी के कामगारों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत अधिसूचित वेतन देने के लिए करे।’’

शीर्ष न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर तय करते हुए इस बीच केंद्र सरकार, दिल्ली-एनसीआर राज्यों और आयोग को हालात से निबटने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया।

पीठ ने बुधवार को पूछा कि आखिर दिल्लीवासी बहुत खराब वायु गुणवत्ता का नुकसान क्यों उठाएं। उसने कहा कि हालात बेहद गंभीर होने से पहले ही एहतियाती कदम उठाए जाएं।

यह आदेश आदित्य दुबे नाम के व्यक्ति की याचिका पर दिया गया जिसमें दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Court again bans construction activities in Delhi-NCR in view of increasing pollution

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