Court accepts offer of social service in lieu of fine in contempt case | अवमानना मामले में जुर्माने के बदले समाज सेवा की पेशकश अदालत ने मंजूर की
अवमानना मामले में जुर्माने के बदले समाज सेवा की पेशकश अदालत ने मंजूर की

हैदराबाद, सात अप्रैल तेलंगाना उच्च न्यायालय ने अवमानना के मामले में एक जिलाधिकारी एवं एक सेवानिवृत अधिकारी पर लगाये गये जुर्माने के बदले में समाज सेवा करने की उनकी पेशकश की अपील बुधवार को स्वीकार कर ली।

नलगोंडा के जिलाधिकारी और एक महिला अधिकारी को एकल न्यायाधीश ने वारंगल जिले के एक चावल मिल मालिक द्वारा दायर किये गये अवमानना के मामले में दोषी ठहराया था। यह जिलाधिकारी पहले वारंगल में संयुक्त जिलाधिकारी थे जबकि महिला अधिकारी नागरिक आपूर्ति निगम से सेवानिवृत हुई थीं।

अदालत ने दोनों पर 2000-2000 रूपये का जुर्माना लगाया था लेकिन अधिकारियों ने खंडपीठ में अपील की और उससे दोषसिद्धि को खारिज करने का अनुरोध किया।

अदालत पिछली सुनवाई के दौरान इस शर्त पर ऐसा करने को राजी हो गयी थी कि वे कुछ समाज सेवा करने को इच्छुक हो।

दोनों ने समाज सेवा करने की पेशकश करते हुए अदालत में हलफनामे दाखिल किये । मुख्य न्यायाधीश हिमा कोहली और न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी शर्त को पूरी करने की अपील मान ली और एकल न्यायाधीश का आदेश दरकिनार कर दिया।

जिलाधिकारी को छह महीने तक हर सप्ताह एक बार अनाथालय जाने और दो घंटे तक बच्चों की सेवा करने को कहा गया । महिला अधिकारी को उगाडी और श्री रामनवमी पर दो अनाथलायों में जाने और बच्चों को भोजन देने को कहा गया।

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Web Title: Court accepts offer of social service in lieu of fine in contempt case

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