Highlightsराजस्थान में रिकवरी रेट बेहतरीन होने के कारण अब तक 12935 मरीजों के स्वस्थ होने के बाद अब केवल 3072 एक्टिव मामले ही प्रदेश में शेष रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को राजस्थान में कोरोना के 287 नए कोरोना संक्रमित सामने आए। सर्वाधिक 52 मामले जोधपुर में  मिले।गंगानगर और झुंझुनू में 2-2, बूंदी, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा और झालावाड़ में 1-1 कोरोना पाॅजीटिव पाए गए। वहीं अन्य राज्यों से 8 लोग भी पॉजिटिव मिले।

जयपुरः राजस्थान में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 91 नए कोरोना पाॅजीटिव मामलों के राजस्थान में कोरोना मामलों की संख्या बढ़कर 16387 पर पहुंच गई है।

आज सामने आए मामलों में सर्वाधिक 23 मामले कोटा में आए हैं। वहीं, भरतपुर में 17, जयपुर में 15, करौली में 13, झुंझुनू में 7, पाली और सिरोही में 5-5, दौसा में 4, अजमेर और बूंदी में 1-1 संक्रमित मिला। वहीं जोधपुर में हुई  1 कोरोना संक्रमित की मौत के बाद प्रदेश में मौत का कुल आंकड़ा 380 पहुंचा।

राजस्थान में रिकवरी रेट बेहतरीन होने के कारण अब तक 12935 मरीजों के स्वस्थ होने के बाद अब केवल 3072 एक्टिव मामले ही प्रदेश में शेष रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को राजस्थान में कोरोना के 287 नए कोरोना संक्रमित सामने आए। सर्वाधिक 52 मामले जोधपुर में  मिले।

वहीं, जयपुर मे 40, पाली में 30,  बीकानेर में 23, बाड़मेर में 15, अलवर में 14, अजमेर में 10, कोटा में 9, चूरू में 8, धौलपुर में 12, उदयपुर में 7, सिरोही और डूंगरपुर में 8-8, दौसा और भरतपुर में 5-5, सीकर, राजसमंद, जालौर, हनुमानगढ़ और जैसलमेर में 4-4, नागौर में 3, सवाई माधोपुर, गंगानगर और झुंझुनू में 2-2, बूंदी, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा और झालावाड़ में 1-1 कोरोना पाॅजीटिव पाए गए। वहीं अन्य राज्यों से 8 लोग भी पॉजिटिव मिले।

राजस्थान में एक ओर कोरोना मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है

राजस्थान में एक ओर कोरोना मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर कोरोना महामारी को मात देकर रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्रदेश में अब तक कुल 7 लाख 57 हजार से अधिक सैंपलों की जांच में कुल 16387 लोग कोरोना संक्रमित मिले। वहीं, इनमें से 12935 लोग रिकवर हो चुके। अब राज्य में कुल 3072 एक्टिव मामले ही शेष रहे हैं।



प्रदेश की राजधानी जयपुर में कोरोना के सर्वाधिक 3163 (2 इटली के नागरिक) रोगी  हैं। वहीं, मुख्यमंत्री के गृहनगर जोधपुर में 2580 (इनमें 47 ईरान से आए), भरतपुर में 1454, पाली में 1029, उदयपुर में 677, नागौर में 609, धौलपुर में 555, कोटा में 608, सीकर में 493, अजमेर में 480, डूंगरपुर में 425, अलवर- सिरोही में 400-400, झालावाड़ में 375, झुंझुनूं में 330, चूरू में 289, जालौर में 262, भीलवाड़ा में 243, बाड़मेर में 240, बीकानेर में 229,राजसमंद में 227, चित्तौड़गढ़ में 208 और टोंक में 200 कोरोना के मरीज अब तक मिले हैं।

जयपुर में सर्वाधिक 152 की मौत

दौसा में 127, जैसलमेर में 116 (इनमें 14 ईरान से आए), बारां में 64, बांसवाड़ा में 93, सवाई माधोपुर में 91, करौली में 89, हनुमानगढ़ में 58, श्रीगंगानगर में 50,प्रतापगढ़ में 15 और बूंदी में 14 कोरोना संक्रमित अब तक मिल चुके हैं। वहीं, जोधपुर में बीएसएफ के 50 जवानों के अतिरिक्त अन्य राज्यों से यहां आए 97 लोग भी कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। राजस्थान में कोरोना से अब तक 380 लोगों की मौत हुई है। इनमें जयपुर में सर्वाधिक 152 की मौत हुई।

वहीं, जोधपुर में 38, भरतपुर में 31, कोटा में 22, अजमेर में 15, नागौर में 12, बीकानेर में 13, पाली में 8, सवाई माधोपुर, सीकर और चित्तौड़गढ़ में 6, भीलवाड़ा, अलवर और सिरोही में 5-5, धौलपुर,  करौली और बारां में 4-4, गंगानगर, दौसा और उदयपुर में 3-3, चूरू, बाड़मेर, बांसवाड़ा और जालौर में 2-2, झुंझुनू, राजसमंद, प्रतापगढ़ और टोंक में 1-1 की मौत हो चुकी है। इसके अतिरिक्त दूसरे राज्यों से यहां आए 23 व्यक्तियों की भी मौत हुई है। 
 
संक्रमितों की बढ़ती संख्या चिन्ता का विषय, गंभीरतापूर्वक आंकलन कर उठाएं आवश्यक कदमः गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमितों की लगातार बढ़ रही संख्या चिन्ता का विषय है। विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को इस स्थिति की गंभीरता का आंकलन करते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि आम लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए हेल्थ प्रोटोकॉल की अनुपालना सख्ती से की जाए। कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संक्रमण को नियंत्रित रखने के लिए कोरोना के लिए टेस्टिंग, संक्रमित लोगों के इलाज तथा विदेश से आ रहे यात्रियों के लिए संस्थागत क्वारेंटाइन की व्यवस्थाओं को और पुख्ता करने के प्रयास करें। साथ ही, बड़ी संख्या में आम लोगों को कोरोना जागरूकता अभियान से जोड़कर उन्हें अपने स्वास्थ्य का खुद खयाल रखने के लिए प्रेरित करें।



मुख्यमंत्री को बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में अब तक 16387 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। बीते कुछ दिनों में धौलपुर और भरतपुर जिलों में पॉजिटिव केसों की संख्या अधिक रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक टीम ने धौलपुर जिले में संक्रमण की स्थिति का आकलन भी किया है।

बताया गया कि बीते कुछ सप्ताहों के दौरान कुवैत, यूएई, कजाकिस्तान, किर्गीस्तान आदि देशों से लौटे मजदूरों और मेडिकल के विद्यार्थियों के कारण प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। इन सभी यात्रियों की टेस्टिंग की गई है। अब तक आरटीपीसीआर से की गई टेस्टिंग में 3357 यात्रियों में से 156 को पॉजिटिव पाया गया है। आगामी दिनों में खाड़ी देशों से आने वाले यात्रियों के लिए उदयपुर और बांसवाड़ा में संस्थागत क्वारेंटाइन की व्यवस्था की गई है।

आमजन की सावधानी से ही  कोरोना से बचा जा सकता है-चिकित्सा मंत्री

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव की बढ़ती संख्या पर आमजन की सावधानी से ही नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि प्रदेश भर में लोगों को जागरूक करने के लिए ‘जागरूकता अभियान‘ चलाया जा रहा है लेकिन कोरोना से जंग जीतने के लिए एक-एक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूर्ण सावधानी बरतनी होगी।



सावधानी ही एक मात्र उपचार है- स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना को ‘सावधानी हटी-दुर्घटना घटी‘ की तर्ज पर देखना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की अभी कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनाई जा सकी है। ऐसे में कोरोना के प्रोटोकॉल यानी कि बार-बार हाथ धोना, मास्क लगाना, दो गज की दूरी बनाकर, सार्वजनिक जगह पर ना थूककर, समूह या भीड़ में ना जाना और सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर ही हम कोरोना पर जीत हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन सावधानियों को अपनाकर हम संक्रमण की कड़ी को तोड़ सकते हैं।

कोरोना की वेक्सीन बनाने के मामले में बाबा रामेदव और निम्स यूनिवर्सिटी के खिलाफ मामला दर्ज

पतंजलि आयुर्वेद और निम्स यूनिवर्सिटी ने मिलकर कोरोना वायरस के लिए आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल‘ को लांच किया, जिसके बाद गांधीनगर थाने में बाबा रामदेव एंव अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए कोरोना की दवा के नाम पर लोेगों को गुंमराह करने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने बताया कि गांधी नगर निवासी डाॅ. संजीव गुंप्ता ने थाने में शिकायत दी है कि पतंजलि आयुर्वेद हरिद्वार, दिव्य फार्मेसी हरिद्वारा के बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और निम्स यूनिवर्सिटी जयपुर के डाॅ बलवीर तोमर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कोरोना पीड़ितों को स्वस्थ करने वाली दवा कोरोनिल का आविष्कार किया है।



राजस्थान सरकार पतंजलि आयुर्वेद हरिद्वार की कोरोना के लिए बनाई गई कथित दवा कोरोनिल को लेकर हुए विवाद के बाद जयपुर के दिल्ली रोड स्थित निम्स यूनिवर्सिटी में इस दवा के कथित ट्रायल को लेकर सख्त कार्रवाई के मूड में है।

कोरोनिल को लेकर बाबा रामदेव की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही है क्यांेकि कोरोना की दवा बनाए जाने का एलान करने वाले बाबाजी की दवा के जयपुर में क्लीनिकल परीक्षण की बात को चिकित्सा मंत्री सिरे से खारिज कर चुके हैं वहीं अब निम्स यूनिवर्सिटी के चैयरमेन डाॅ बलवीर तोमर भी दवा के ट्रायल को लेकर अपने बयान से पलट गये है। उनके ताजा बयान के अनुसार उनके अस्पताल में कोरोना की किसी भी दवा का परीक्षण नहीं हुआ है। 

Web Title: Coronavirus lockdown Corona patient 16387 Rajasthan new cases 91 deaths 380
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