Congress encircles the government on the economy, BJP counts the steps of the government for future generations | कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था पर सरकार को घेरा, भाजपा ने भावी पीढ़ियों के लिये सरकार के कदम गिनाये
कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था पर सरकार को घेरा, भाजपा ने भावी पीढ़ियों के लिये सरकार के कदम गिनाये

लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस ने पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर सवाल खड़ा किया, वहीं भाजपा ने केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ऐसे कदमों से न केवल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए जीवन भी सुगम होगा।

सदन में ‘वर्ष 2019-20 के लिए अनुदान की पूरक मांगें-प्रथम बैच’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सदस्य शशि थरूर ने कहा कि आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों में गिरावट इस बात का प्रमाण है कि सरकार अर्थव्यवस्था को संभाल पाने में नाकाम रही है। उन्होंने जीडीपी में गिरावट और राजस्व में कमी आने का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को अब सुधार करना चाहिए और देश को सही दिशा में आगे ले जाना चाहिए।

थरूर ने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में औसत विकास दर सात फीसदी से अधिक थी, लेकिन इस सरकार में यह गिरकर 4.5 फीसदी पहुंच गई है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि इस सरकार के आने के बाद तीन करोड़ नए लोग गरीबी रेखा के नीचे आ गए।

थरूर ने सरकार के पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के महत्वकांक्षी लक्ष्य पर पर सवालिया निशान लगाते हुए पूछा कि इसे हासिल करने के लिए सरकार का रोडमैप क्या है? कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले के वित्त मंत्री ने बजट के संदर्भ में बहुत सारी घोषणाएं कीं थीं, लेकिन सरकार लक्ष्य पूरा करने में विफल रही । चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि मोदी सरकार ने देश में करोबार के अनुकूल माहौल बनाने, मुद्रा योजना के जरिये धन मुहैया कराने, कारपोरेट कर में कटौती करने, छोटो कारोबारियों को प्रोत्साहित करने सहित अर्थव्यवस्था की मजबूती और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसे कदम उठाये हैं जिससे एक सुंदर देश बनेगा और भावी पीढ़ियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा ।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अनेक ऐसे कदम उठाये हैं जिनसे आम आदमी का जीवन सुगम हुआ है। उन्होंने कहा कि आज देहात में जाकर देखें तो वहां लोगों की प्रसन्नता का स्तर पिछले 70 साल में सर्वाधिक है।

रूड़ी ने कहा कि 21 हजार करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगों में जम्मू कश्मीर के लिए 8000 करोड़ रुपये मांगे जा रहे हैं। यह राज्य केंद्र सरकार के दिल के करीब है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए अनेक परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की कार्यावधि को कुछ महीने के लिए बढ़ाया गया है क्योंकि जम्मू कश्मीर के लिए और भी सहायता देनी है।

भाजपा सांसद ने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाकर इस सरकार ने जम्मू कश्मीर को वोट की राजनीति से बाहर किया, भ्रष्टाचार से बचाया, जाति-धर्म के भेदभाव से बाहर किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कॉर्पोरेट कर में कटौती की है जिससे दूसरे देश यहां आएंगे।

रूड़ी ने कहा कि वैश्विक मंदी के माहौल को स्वीकारना होगा और इस स्थिति में सरकार ने कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार में बैंकों का एनपीए कम हुआ है, मुद्रा योजना के तहत छोटे कारोबारियों को पैसा मिल रहा है। रूड़ी ने कहा कि ऐसे अनेक कदमों के माध्यम से सरकार भावी पीढ़ियों के लिए ऐसा देश बनाएगी जिसमें लोगों के कष्ट कम हों। उन्होंने मांग की कि देश में हर साल एक हजार पायलटों की जरूरत को देखते हुए अनेक फ्लाइंग केंद्र खोलने की जरूरत है ताकि देश के बच्चों को यहां पर ही प्रशिक्षण मिले और विदेशों में प्रशिक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च नहीं करने पड़ें।

द्रमुक के डीएनवी सेंथिल कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक योजनाएं हैं लेकिन उन पर खर्च होने वाला करदाताओं का पैसा जमीन पर जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र में हजारों शौचालय स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाये गये लेकिन 10 प्रतिशत का भी इस्तेमाल नहीं हो रहा।

कुमार ने कहा कि केंद्र की ओर से योजनाओं पर लाखों करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन सपने साकार नहीं हो रहे हैं। उन्होंने इस दौरान सांसदों का वेतन और सांसद निधि (एमपीलैड) बढ़ाने की भी मांग की। द्रमुक सांसद ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र पर हमारे देश में भी विकसित देशों की तरह जीडीपी की हिस्सेदारी बढ़नी चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने अनुपूरक मांगों में सर्वाधिक राशि जम्मू कश्मीर के लिए होने का जिक्र करते हुए केंद्र पर आरोप लगाया कि उसने इस राज्य के साथ बुरा बर्ताव किया है। उन्होंने मांग की कि जम्मू कश्मीर में हिरासत में बंद नेताओं को रिहा किया जाना चाहिए और इंटरनेट सेवा बहाल की जानी चाहिए।

राय ले कहा कि केंद्र की उज्ज्वला योजना अच्छी है लेकिन इसमें और पैसा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में जीडीपी की दर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गयी जो अगली तिमाही में और कम होने के आसार हैं। बेरोजगारी पिछले 45 साल में सर्वाधिक स्तर पर है। राय ने कहा कि सरकार ने कॉर्पोरेट कर में कटौती के प्रावधान किये हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसके ऐवज में पैसा कहां से लाएगी।

उन्होंने देश में अर्थव्यवस्था की स्थिति गंभीर होने का दावा करते हुए कहा कि देश के 11 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के विनिवेश की योजना है जबकि उन्हें मजबूत किया जाना चाहिए था। तृणमूल सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी विनिवेश के प्रयासों का पुरजोर विरोध करती है।

उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आज उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत दिये जाने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकार डर पैदा करके शासन चलाना चा रही है। लेकिन अगर वह चाहती है कि देश में निवेश आए तो डर का माहौल खत्म करना होगा। शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि देश में आज बेरोजगारी बढ़ रही है, किसान और व्यापार परेशानी हैं। निवेशक नहीं आ रहे हैं। 

Web Title: Congress encircles the government on the economy, BJP counts the steps of the government for future generations
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