Comedian Munawar Faruqui bail plea rejected by Madhya Pradesh HC | कॉमेडियन मुन्नवर फारूकी को राहत नहीं, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी खारिज की जमानत याचिका
कॉमेडियन मुन्नवर फारूकी को राहत नहीं, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी खारिज की जमानत याचिका

Highlightsमुसीबत में कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी।मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने की जमानत याचिका खारिज।कोर्ट ने कहा- सामाजिक सद्भावना बढ़ाना हर नागरिक की जिम्मेदारी।

स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी और उसके साथी नलिन यादव को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली. कोर्ट ने कहा कि भाईचारे और सदभावना का प्रचार-प्रसार करना हर नागरिक का संवैंधानिक अधिकार है. दोनों कॉमेडियन पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप है.

गौरतलब है कि नए साल पर 56 दुकान स्थित मुनरो कैफे में एक कॉमेडियन शो का आयोजन किया गया था. जिसमें गुजरात के विवादित कॉमेडियन मुन्नवर फारूकी को भी बुलाया गया था. जैसे ही इस शो और फारुकी के आने की सूचना हिन्द रक्षक समिति के लोगों को लगी वह टिकट खरीद कर शों में पहुंच गए थे.

देवी-देवताओं पर की थी टिप्पणी

इस शो में  एक अन्य कॉमेडियन ने हिन्दुओं के देवी-देवताओं के खिलाफ ही अभद्र और अश्लील टिप्पणियां करना शुरू कर दी. शो में पहले ही मौजूद हिन्दू संगथन के नेताओं ने सभी लोगों को पकड कर थाने ले आए. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला

कुछ लोगों की जमानत तो जिला कोर्ट से हो गई लेकिन फारुकी और यादव की जमानत जिला कोर्ट ने खारिज कर दी थी. जिसके बाद आरोपियों ने वकील कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तनखा के माध्यम से हाईकोर्ट की इन्दौर बेंच में जमानत याचिका लगाई थी. जिसपर 25 जनवरी को सुनवाई होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

फारुकी की तरफ से वकील तनखा ने कोर्ट के सामने यह तर्क दिया था कि फारूकी का  धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं थावह सभी धर्मों का सम्मान करता है. वह  27 दिन से न्यायिक हिरासत में है. पुलिस की जांच और ट्रायल में काफी वक्त लगेगा. उसे जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए.  

वहीं दूसरे पक्ष और शासन के तरफ से नियुक्त वकील कहा कि फारूकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आदतन आरोपी है. अन्य राज्यों में उसके खिलाफ इस तरह के केस चल रहे हैं. मामला बहुत गंभीर है. जिस थाने में केस दर्ज हुआ है, वहां पर कई लोग आकर आवेदन कर चुके हैं कि फारूकी की हरकत से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

कोर्ट ने क्या कहा?

गुरुवार को संविधान के अनुच्छेद 15 ए के तहत कोर्ट ने यह कहते जमानत खारिज कर दी गई कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की धार्मिक भावना को भड़काने वाली अनर्गल और अशोभनीय टिप्पणी नहीं कर सकता.

Web Title: Comedian Munawar Faruqui bail plea rejected by Madhya Pradesh HC

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