जस्टिस यूयू ललित बन सकते हैं भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश, CJI एनवी रमण ने की नाम की सिफारिश

By विनीत कुमार | Published: August 4, 2022 11:48 AM2022-08-04T11:48:14+5:302022-08-04T12:20:29+5:30

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमण ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश गुरुवार को कर दी। मौजूदा सीजेआई 26 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

CJI NV Ramana recommends Justice UU Lalit's name as his successor AS 49th CJI | जस्टिस यूयू ललित बन सकते हैं भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश, CJI एनवी रमण ने की नाम की सिफारिश

जस्टिस यूयू ललित बन सकते हैं भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (फाइल फोटो)

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HighlightsCJI एनवी रमण ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश की।जस्टिस रमण ने 24 अप्रैल 2021 को देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला था।मौजूदा सीजेआई 26 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जस्टिस ललित का बतौर मुख्य न्यायाधीश कार्यकाल तीन महीने से भी कम का होगा

नई दिल्ली: जस्टिस उदय उमेश ललित देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं। मौजूदा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एनवी रमण ने अगले CJI के लिए जस्टिस ललित के नाम की सिफारिश कर दी है। अगर जस्टिस यूयू ललित के नाम की सिफारिश मान ली जाती है तो वह देश के 49वें CJI बन जाएंगे। हालांकि उनका कार्यकाल छोटा रहेगा। वह आठ नवंबर, 2022 को सेवानिवृत्त होंगे। वहीं, मौजूदा CJI एनवी रमण इस महीने ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।


जस्टिस ललित को 13 अगस्त 2014 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। तब वह जाने-माने वकील थे। जस्टिस ललित तब से शीर्ष अदालत के कई ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं। पांच जजों की संविधान पीठ ने अगस्त 2017 में 3-2 के बहुमत से ‘तीन तलाक’ को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। उन तीन जजों में जस्टिस ललित भी थे। 

ऐसे ही जस्टिस ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत एक मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के ‘‘त्वचा से त्वचा के संपर्क’’ संबंधी विवादित फैसले को खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि यौन हमले का सबसे महत्वपूर्ण घटक यौन मंशा है, बच्चों की त्वचा से त्वचा का संपर्क नहीं।

9 नवंबर, 1957 को जन्मे जस्टिस ललित ने जून 1983 में एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया था और दिसंबर 1985 तक बॉम्बे हाई कोर्ट में वकालत की थी। वह जनवरी 1986 में दिल्ली आकर वकालत करने लगे और अप्रैल 2004 में उन्हें शीर्ष अदालत द्वारा एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। वहीं, 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में सुनवाई के लिए उन्हें सीबीआई का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था। 

(भाषा इनपुट के साथ)

Web Title: CJI NV Ramana recommends Justice UU Lalit's name as his successor AS 49th CJI

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