BJP MP Jyotiraditya Scindia met Chief Minister | भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की
भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की

भोपाल, 30 नवंबर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से यहां उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।

प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी।’’

मुलाकात से पहले सिंधिया ने आज दिन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम अपनी बैठक के दौरान प्रदेश की विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगें और यह सुनिश्चित करेंगें कि उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाये।’’

मंत्रिपरिषद के विस्तार के सवाल पर सिंधिया ने कहा, ‘‘इस विषय पर कोई चर्चा नहीं होगी क्योंकि यह मुख्यमंत्री और शीर्ष नेतृत्व का अधिकार है।’’

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सिंधिया और चौहान दोनों ने केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के परिवार में एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिये ऐतहासिक शहर ओरछा के लिये उड़ान भरी।

उपचुनाव के परिणाम के बाद यह कयास लगाया जा रहा था कि सिंधिया के दो कट्टर समर्थकों तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को जल्द ही मंत्रिपरिषद में फिर से शामिल किया जायेगा। गैर विधायक के तौर पर मंत्रिपरिषद में रहने की अधिकतम छह माह की अवधि पूरी होने की वजह से दोनों को उपचुनाव से पहले ही त्यागपत्र देना पड़ा था।

उपचुनाव में दोनों ही नेता अपनी-अपनी विधानसभा सीटों से फिर से चुनाव जीत कर विधायक बन चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के कारण प्रदेश में रिक्त सीटों पर उपचुनाव में देरी हुयी ।

उपचुनाव में सिंधिया समर्थक सिलावट और राजपूत चुनाव जीत गये। वहीं सिंधिया समर्थक ऐदल सिंह कंषाना, इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया उपचुनाव हार गये। इसके बाद तीनों मंत्रियों ने मंत्रिपरिषद से त्यागपत्र दे दिया।

सिंधिया और चौहान की मुलाकात से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बैठक के बाद सिंधिया समर्थकों को मंत्रिपरिषद अथवा निगम-मंडलों में शामिल किया जायेगा।

उपचुनाव के बाद प्रदेश के भिण्ड जिले से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री गोविंद सिंह के खिलाफ कांग्रेस में पैदा हुयी दरार के सवाल पर सिंधिया ने कहा, ‘‘ये तो असलियत है और जो अंदर का खेल है, वो अब बाहर आ रहा है। ये सवाल आप कांग्रेस से ही पूछिये।’’

मालूम हो कि वर्तमान में प्रदेश मंत्रिपरिषद में छह स्थान खाली हैं। इनमें दो ने गैर विधायक के तौर पर छह माह की अवधि पूरी होने पर त्यागपत्र दिये तथा तीन गैर विधायक उपचुनाव में हार गये जबकि दो जुलाई को हुए दूसरे विस्तार के बाद मंत्रिपरिषद में एक स्थान रिक्त रखा गया था।

नियमानुसार मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित 35 से अधिक सदस्य नहीं होने चाहिये।

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Web Title: BJP MP Jyotiraditya Scindia met Chief Minister

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