Bihar Politics over corona lockdown BJP and JDU leader giving different statements | बिहार में कोरोना के चलते लगाए गए लॉकडाउन पर सियासत, भाजपा और जदयू के नेताओं में घमासान
बिहार में जेडीयू और भाजपा के नेता आमने-सामने (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में कोरोना को लेकर जारी सियासत के बीच लॉकडाउन को लेकर सत्तारूढ गठबंधन में ही घमासान की स्थिती उत्पन्न हो गई है. लॉकडाउन को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल के दावों को झुठलाने के लिए नीतीश कुमार के करीबी नेता अब मैदान में उतर गये हैं. इसी कड़ी में नीतीश कुमार के बेहद करीबी सांसद ललन सिंह ने आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर जोरदार हमला बोला. 

उन्होंने कहा कोरोना को लेकर सर्वदलीय बैठक में किसी पार्टी ने लॉकडाउन लगाने की मांग नहीं की थी. अब ऐसी पार्टियां गैर जिम्मेदाराना बयान दे रही हैं. यही पार्टियां बिहार का भला करेंगी?  इससे पहले नीतीश के बेहद करीबी माने जाने वाले मंत्री संजय झा ने भी संजय जायसवाल के दावों को गलत करार दिया था. 

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ''लॉकडाउन लगने के बाद से मैंने समाचार पत्रों में कई राजनीतिक दलों के नेताओं का बयान देखा है. मुझे आश्चर्य होता है कि ऐसे गैर जिम्मेवार राजनीतिक दलों के नेता औऱ ऐसी गैर जिम्मेवार राजनीतिक पार्टियां क्या बिहार का भला करेंगी. इन पार्टियों से क्या उम्मीद करते हैं आप? जिनको कोई मतलब नहीं है वास्तविकता से, गैर जिम्मेदाराना हरकत करते हैं. कोरोना पर जब सर्वदलीय बैठक हुई तो उस बैठक में मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी के अलावा किसी पार्टी ने लॉकडाउन की मांग नहीं की थी.'' 

उन्होंने कहा कि उन्होंने सर्वदलीय बैठक की प्रोसिडिंग निकलवायी है. उसमें पढा है कि भाजपा के डा. संजय जायसवाल ने वीकेंड लॉकडाउन की चर्चा की थी. 

ललन सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव ने भी वीकेंड कर्फ्यू की बात की थी. कांग्रेस ने तो लॉकडाउन की कोई चर्चा ही नहीं की थी. अब राजनीतिक दलों के नेता गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं. जब नीतीश कुमार को जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने लॉकडाउन लगाया. नीतीश के फैसले पर कोई सवाल खडा नहीं कर सकता. 

उन्होंने तेजस्वी यादव का नाम लिया, लेकिन बगैर नाम लिये संजय जायसवाल को वे सारी बातें कह दीं जो उन्होंने राजद के लिए कही. इसके पहले बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी जल संसाधन संजय झा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को झुठलाया था. संजय झा ने कहा था कि 17 अप्रैल को हुई सर्वदलीय बैठक में किसी ने पूर्ण लॉकडाउन की मांग नहीं की थी. 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तक ने लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में अपनाने की सलाह दी थी. उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का बगैर नाम लिये कहा था कि इस वक्त में जो राजनीति चमका रहे हैं, वे गलत कर रहे हैं. राजनीति चमकाने के मौके आगे बहुत मिलेंगे.

उल्लेखनीय है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बिहार में लॉकडाउन को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किये थे. नीतीश कुमार ने जब बिहार में नाइट कर्फ्यू घोषित किया था तो संजय जायसवाल ने इसे गलत करार देते हुए लिखा था कि बिहार में लॉकडाउन की जरूरत है. 

संजय जायसवाल के बयान पर तब जदयू के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने हमला बोला था. उस वक्त भी सांसद ललन सिंह ने कहा था कि लॉकडाउन की मांग करने वाले नेता अखबारी नेता है. दो दिन पहले जब नीतीश कुमार ने लॉकडाउन का एलान किया तो संजय जायसवाल ने फिर से फेसबुक पर पोस्ट लिखा. 

उन्होंने कहा कि "मेरा नाम लेकर राजनैतिक बयानबाजी करने वाले नेताओं से भी उम्मीद है कि उन्हें जमीनी हकीकत समझ में आ रही होगी”. सबसे दिलचस्प बात यह है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ जदयू के वैसे नेता बोल रहे हैं जो नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं.

Web Title: Bihar Politics over corona lockdown BJP and JDU leader giving different statements

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