Bihar Child Trafficking: बच्चों को धार्मिक शिक्षा दिलाने के नाम पर तस्करी!, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने किया खुलासा

By एस पी सिन्हा | Published: June 12, 2024 04:50 PM2024-06-12T16:50:07+5:302024-06-12T16:54:02+5:30

Bihar Child Trafficking: आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को धार्मिक शिक्षा के नाम पर चंदा वसूली और बच्चों की तस्करी प्रभावी तरीके से रोकने का निर्देश दिया है।

Bihar Child Trafficking name providing religious education to children National Commission Protection Child Rights revealed truth Saharanpur Madrasa revealed | Bihar Child Trafficking: बच्चों को धार्मिक शिक्षा दिलाने के नाम पर तस्करी!, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने किया खुलासा

सांकेतिक फोटो

Highlightsबरामद बच्चों को सहारनपुर के एक गैर निबंधित मदरसे ले जाया जा रहा था।धार्मिक शिक्षण संस्थानों की निगरानी के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) भी दी है। मानव तस्करी विरोधी इकाई और स्पेशल जुवेनाइल पुलिस को सौंपी है।

Bihar Child Trafficking: धार्मिक शिक्षा के नाम पर बिहार से बच्चों की तस्करी मामले की आशंका राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जताई है। आयोग ने पढ़ाई के नाम पर बिहार के बच्चों का उत्तर प्रदेश में तस्करी का अंदेशा जताया है। दरअसल, अयोध्या में 26 अप्रैल को बरामद किए गए पूर्णिया और अररिया के 95 बच्चों के मामले का हवाला देते हुए आयोग ने सभी राज्यों को ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि बरामद बच्चों को सहारनपुर के एक गैर निबंधित मदरसे ले जाया जा रहा था।

आयोग ने इस संबंध में देश भर में अलर्ट जारी करते हुए धार्मिक शिक्षण संस्थानों की निगरानी के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) भी दी है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने धार्मिक शिक्षा के नाम पर बच्चों की इस तरह आवाजाही रोकने की जिम्मेदारी जिलों की बाल संरक्षण इकाई, मानव तस्करी विरोधी इकाई और स्पेशल जुवेनाइल पुलिस को सौंपी है।

एसओपी में कहा है कि पांच से 12 साल की उम्र के बच्चे पढ़ाई के नाम पर दूसरे राज्यों में जा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि राज्यों में शिक्षा का अधिकार कानून का अनुपालन नहीं हो रहा है। ऐसे बच्चों को उनके घर के पास के स्कूलों में ही दाखिला दिलाया जाए। आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को धार्मिक शिक्षा के नाम पर चंदा वसूली और बच्चों की तस्करी प्रभावी तरीके से रोकने का निर्देश दिया है।

आयोग ने तीनों एजेंसियों को संयुक्त रूप से निरीक्षण कर 15 दिन में रिपोर्ट देने को भी कहा है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी ने बताया कि 26 अप्रैल को अयोध्या में बच्चों को बरामद किया गया। बस में दो मौलवी थे, जो इन्हें सहारनपुर के मदरसे में पढ़ाई के लिए ले जाने की बात कर रहे थे।

वहीं मौलवियों के पास न तो मदरसे का कोई अधिकार पत्र था और न ही बच्चों के अभिभावकों का सहमति पत्र। बच्चों ने टीम को बताया कि मदरसे में उनसे ईंट ढुलवाई जाती है और शौचालय साफ कराया जाता है। भोजन के नाम पर एक-दो रोटी दी जाती है। इन बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया।

Web Title: Bihar Child Trafficking name providing religious education to children National Commission Protection Child Rights revealed truth Saharanpur Madrasa revealed

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