Bihar assembly elections 2020 result chirag paswan bjp pm narendra modi nda nitish kumar | 'पीएम मोदी के हनुमान' चिराग पासवान ज़ीरो पर हो सकते हैं बोल्ड, LJP का बिहार में हो सकता है डब्बा गोल
चिराग पासवास के दिवंगत पिता और लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले राजग में शामिल हुए थे।

Highlightsचिराग पहली बार रामविलास पासवान के बिना मैदान में उतरे थे। लोजपा में हंगामा तय है।आयोग की वेबसाइट के मुताबिक इस वक्त बिहार में सर्वाधिक सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।नीतीश की JDU को अब तक 40 सीट मिलती हुई दिख रही है।

पटनाःलोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) अध्यक्ष चिराग पासवान का बुरा हाल है। रुझान में दिख रहा है कि वह खाता खोलने में असमर्थ हैं। बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 140 से अधिक सीटों पर लोजपा ने अपने उम्मीदवार अधिकांश जदयू के प्रत्याशियों के खिलाफ खड़े किए हैं।

चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार लोजपा का खाता नहीं खुला है। बड़े-बड़े दावा करने वाले चिराग फुस्स हो गए हैं। रुझान में भी बाहर हो गए हैं। जीतन राम मांझी और मुकेस साहनी ने कमाल कर दिया है। चिराग पहली बार रामविलास पासवान के बिना मैदान में उतरे थे। लोजपा में हंगामा तय है।

फिलहाल चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक इस वक्त बिहार में सर्वाधिक सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बिहार में बीजेपी अब तक 76 सीटों पर जीत दर्ज करती दिख रही है, वहीं RJD को फिलहाल 75 सीटें मिलती हुई दिख रही है और वह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. वहीं नीतीश की JDU को अब तक 40 सीट मिलती हुई दिख रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला करने वाले चिराग पासवान को इस चुनाव के बाद नीतीश मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार्य नहीं हैं और वह मौजूदा विधानसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ मजबूत करने के लिए भाजपा का समर्थन करने का दावा करते रहे हैं। उन्होंने रविवार को दावा किया, ‘‘नीतीश कुमार (जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष), जो बार-बार पल्टी मारने के कारण ‘‘पलटूराम’’ के तौर पर जाने जाते हैं, इस चुनाव के बाद फिर पल्टी मार सकते हैं।

वह राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ लंबी राजनीतिक लड़ाई के बाद बिहार में सत्ता में आए थे। कुछ साल बाद उन्होंने पुराने सहयोगी भाजपा से नाता तोड़ लिया और अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी के साथ गठबंधन किया।’’ चिराग ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर नीतीश द्वारा विरोध किए जाने को याद करते हुए आरोप लगाया, ‘‘राष्ट्रीय स्तर पर खुद को प्रधानमंत्री को संभावित चुनौती देने वाले के तौर पर पेश करने के लिए नीतीश ने पांच साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में मोदी के खिलाफ कितना जहर उगला था। दो साल में लालू प्रसाद को छोड़ दिए और राजग में वापस लौट आए।’’

उल्लेखनीय है कि चिराग पासवास के दिवंगत पिता और लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले राजग में शामिल हुए थे। जमुई से सांसद चिराग पासवान ने कहा, ‘‘मेरी बात को याद रखें कि नीतीश अपने चुनाव प्रचार के दौरान लालू प्रसाद के प्रति बहुत सजग हैं और एक बार फिर से महागठबंधन के साथ अगली सरकार बनाने की कोशिश कर सकते हैं। यहां तक कि 2024 में खुद को मोदी के एक विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर सकते हैं।’’

 

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