रत्नागिरी में बाढ़ ग्रस्त इलाकों में बचाव कार्य में खराब मौसम और बारिश की वजह से आ रही बाधा

By भाषा | Published: July 22, 2021 09:45 PM2021-07-22T21:45:21+5:302021-07-22T21:45:21+5:30

Bad weather and rain hampering rescue operations in flood-prone areas in Ratnagiri | रत्नागिरी में बाढ़ ग्रस्त इलाकों में बचाव कार्य में खराब मौसम और बारिश की वजह से आ रही बाधा

रत्नागिरी में बाढ़ ग्रस्त इलाकों में बचाव कार्य में खराब मौसम और बारिश की वजह से आ रही बाधा

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मुंबई, 22 जुलाई महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में लगातार भारी बारिश के बाद खेड़, चिपलून और कुछ अन्य कस्बे जलमग्न हो गए और कोंकण क्षेत्र में स्थित इस जिले में खराब मौसम और भारी बारिश की वजह से सरकारी एजेंसियों को बचाव अभियान में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के एक मंत्री ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि जिले के परशुराम घाट के पास दिन में भूस्खलन की वजह से दो लोगों की मौत हो गई।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इससे पहले जारी बयान में बताया गया कि जगबुड़ी, वशिष्ठी, कोडावली, शास्त्री, बाव समेत रत्नागिरी जिले की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके परिणामस्वरूप खेड़, चिपलून, लांजा, राजापुर, संगमेश्वर कस्बे और आस-पास के इलाके प्रभावित हुए हैं और इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

राज्य के परिवहन मंत्री और रत्नागिरी के गार्जियन मंत्री अनिल परब ने पीटीआई-भाषा से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि भारी बारिश के कारण जिले के कुछ हिस्सों से सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ चिपलून कस्बा पूरी तरह से जलमग्न है। इसी तरह की स्थिति खेड़ में भी है। सभी रास्तों के बंद होने की वजह से इन इलाकों में जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम, तट रक्षक और राजस्व के बचाव दल निचले इलाक़ों में रहनेवाले लोगों को बाहर निकालने के लिए अपनी नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमने शादीगृह, विद्यालयों के इमारत खोल दिए हैं ताकि इन इलाक़ों से बाहर निकाले गए लोग रात में यहां शरण ले सकें।’’

राहत और बचाव अभियान पर नजर रखने के लिए परब रत्नागिरी में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दल खराब मौसम की वजह से लोगों तक पहुंचने में असमर्थ हैं। बचाव कार्य में लगे हेलीकॉप्टरों को भी लौटना पड़ा। फिर से हेलीकॉप्टर के इस काम में लगने के बाद फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। तब तक प्रभावित लोगों को भोजन और पानी मुहैया कराया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है और नदियों का जलस्तर कम होने के संकेत नहीं हैं।

रत्नागिरी के कलेक्टर ने पीटीआई-भाषा को बताया कि लगातार बारिश की वजह से जिले में भूस्खलन की घटना हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया, ‘’ परशुराम घाट के निकट भूस्खलन से दो लोगों की मौत हो गई। बचाव दल क्षति की जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचा है। पीड़ितों की पहचान स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। भारी बारिश और सड़कों पर पानी भरने से संचार के माध्यम प्रभावित हैं।’’ पाटिल ने बताया कि चिपलून में बाढ़ की वजह से अब तक किसी की जान नहीं गई है, लेकिन जलस्तर घटने के बाद ही जानमाल की हानि का आकलन कर पाएंगे।

इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों के साथ बैठक कर रत्नागिरी और रायगढ़ जिलों की स्थिति की समीक्षा की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Bad weather and rain hampering rescue operations in flood-prone areas in Ratnagiri

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