Highlightsराजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने बगावत के बाद पहली बार गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की।अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि 19 बागी विधायकों के बिना भी वे राजस्थान विधानसभा में बहुमत साबित कर चुके हैं।

जयपुर:राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने बगावत के बाद पहली बार गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि 19 बागी विधायकों के बिना भी वे राजस्थान विधानसभा में बहुमत साबित कर चुके हैं। साथ ही सीएम ने कहा, लेकिन अब जितने खुश हैं पहले नहीं थे, उन्होंने कहा, अपनों तो अपने होते हैं''।

सीएम ने कहा, 'बैठक में गहलोत ने कहा- जो बातें हुई, सब भुला दें। हम इन 19 एमएलए के बिना भी बहुमत साबित कर देते, लेकिन वह खुशी नहीं होती। अपने तो अपने होते हैं। हम खुद विश्वास प्रस्ताव लाएंगे। हर विधायक की शिकायतें दूर की जाएगी। चाहें अभी मिल लें, चाहें तो बाद में।

बता दें कि तीन दिन पहले ही पायलट की कांग्रेस से सुलह हुई और मंगलवार को वे और उनके 18 विधायक बाड़ेबंदी से निकलकर जयपुर लौट आए। पायलट और गहलोत की मुलाकात गहलोत के घर विधायक दल की बैठक से पहले हुई। इसमें शुक्रवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र की स्ट्रैटजी पर चर्चा की जाएगी।

वहीं, सचिन पायलट की कांग्रेस से सुलह के बाद उनके गुट के विधायकों को भी राहत मिलनी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने पायलट खेमे के भंवरलाल शर्मा और विश्ववेंद्र सिंह का निलंबन वापस ले लिया है। हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल होने के आरोपों की वजह से दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।

राजस्थान में विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा: सत्यमेव जयते

कांग्रेस ने राजस्थान में विधायक दल की बैठक और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मुलाकात के बाद बृहस्पतिवार को कहा कि सभी विधायकों ने भाजपाई षड्यंत्र विफल करने का संकल्प लिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की संयुक्त बैठक में एकजुटता व मज़बूती से 8 करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा तथा भाजपाई षड्यंत्र विफल करने का संकल्प लिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सोनिया जी व राहुल जी की दूरदर्शिता, अशोक गहलोत जी की परिपक्वता, सचिन पायलेट जी की निष्ठा रंग लायी। सत्यमेव जयते!’’ गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को शाम कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई और फैसला हुआ कि शुक्रवार से आरंभ हो रहे विधानसभा सत्र में गहलोत सरकार विश्वास प्रस्ताव लाएगी।

विधायक दल की बैठक से ठीक पहले गहलोत व पायलट अलग से मिले तथा एक दूसरे से हाथ मिलाया। इस अवसर पर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे।

भाजपा लाएगी अविश्वास प्रस्ताव

लगभग एक महीने की सियासी खींचतान का एक तरह से पटाक्षेप करते हुए दोनों नेता मुख्यमंत्री निवास में मिले। इससे पहले भाजपा की विधायक दल में पार्टी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि विधानसभा के शुक्रवार से शुरू हो रहे सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। कटारिया ने कहा,' हम अपनी तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं। हमने अपने प्रस्ताव में उन सारे बिंदुओं को लिया है जो आज राजस्थान में ज्वलंत हैं।' 

गलतफहमियां भुलाकर आगे बढ़ने का समय: CM गहलोत 



सुबह मुख्यमंत्री गहलोत ने ट्वीट किया कि 'हमें फॉरगेट एन्ड फॉरगिव, आपस में भूलो और माफ करो और आगे बढ़ो की भावना के साथ लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में लगना है।' इसके बाद कांग्रेस ने गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले विधायक विश्वेंद्र सिंह तथा भंवर लाल शर्मा का निलंबन बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया। संगठन महासचिव और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने ट्वीट कर कहा कि व्यापक विचार विमर्श के बाद इन दोनों विधायकों का निलंबन रद्द किया गया है।

शाम में पायलट मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री गहलोत से मिले। बैठक में गहलोत व पायलट के साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे व पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री निवास में हुई जिसमें गहलोत, पायलट के साथ साथ कांग्रेस व उनके समर्थक विधायक भी शामिल हुए। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा सत्र को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। 

कल से शुरू होगा  राजस्‍थान विधानसभा का सत्र

विधानसभा सूत्रों ने बताया पन्‍द्रहवीं राजस्‍थान विधानसभा का पांचवां सत्र शुक्रवार 14 अगस्‍त को 11 बजे से होगा। इसमें कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों को ध्‍यान में रखते हुए विधानसभा में पुख्‍ता व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं । इस बार विधानसभा सत्र के दौरान दर्शक, विशिष्‍ट और अध्‍यक्ष दीर्घा के लिए प्रवेश पत्र नहीं बनाये जायेंगे। 

Web Title: 'Apne, Apne Hote Hain': Gehlot Strikes Emotional Cord on Pilot's Return But Says Could Prove Majority Even Without Rebels
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