Amit Shah son Jay shah company kusum finserv got illegal credits says congress | अमित शाह के बेटे पर घोटाले का आरोप, कांग्रेस ने पूछा- 6 करोड़ की कंपनी को कैसे मिल गया 95 करोड़ का उधार
अमित शाह के बेटे पर घोटाले का आरोप, कांग्रेस ने पूछा- 6 करोड़ की कंपनी को कैसे मिल गया 95 करोड़ का उधार

नई दिल्ली, 11 अगस्तः कांग्रेस ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा है। शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी को 95 करोड़ रुपये उधार मिले जबकि उसकी कुल पूंजी 6 करोड़ रुपये है। कांग्रेस ने साथ ही अमित शाह पर राज्यसभा चुनाव के शपथ पत्र में झूठ बोलने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस ने अमित शाह की राज्यसभा सदस्यता रद्द करने की भी मांग कर दी। इससे पहले जय शाह की कंपनी टेंपल एंटरप्राइजेज पर भी अप्रत्याशित व्यापार के आरोप लग चुके हैं।

जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही ये बड़ी बातेंः-

- टेंपल एंटरप्राइजेज एक ऐसी कंपनी थी जो 2012 से लेकर 2014 तक घाटे में चली। लेकिन तीसरे साल में 50 हजार रुपये का व्यापार हुआ। और चौथे साल में 81 करोड़ हो गया। और पांचवे साल में टेंपल एंटरप्राइजेज बंद हो गया। 

- अमित शाह ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि टेंपल एंटप्राइजेज ने सरकार से कोई व्यापार नहीं किया। सरकार से कोई जमीन नहीं लिया, कोई ठेका नहीं लिया। ये किस्सा यहीं खत्म हो गया। लेकिन जय शाह की एक और कंपनी में गड़बड़ी का पता चला है।

- कुसुम फिनसर्व के मालिक जय शाह और उनकी पत्नी हैं। ये कंपनी सीमित दायित्व भागीदारी की है। इसका नेटवर्थ 6 करोड़ रुपये है। इसी के आधार पर कुसुम फिनसर्व ने अलग-अलग बैंकों से 95 करोड़ का उधार ले लिया है। 

- देश में ऐसी मिसाल और कहां मिलेगी जब 6 करोड़ के बदले 95 करोड़ लोन लिया हो। कुसुम फिनसर्व ने उधार लेते वक्त दो प्लॉट जमीन और एक कमर्शियल बिल्डिंग गिरवी रखा है। इस जमीन के मालिक जय शाह नहीं, अमित शाह हैं।

- पिछले साल 24 जुलाई 2017 को अमित शाह ने चुनावी शपथ पत्र दिया। शपथ पत्र में एक प्रश्न होता है- क्या आपने बैंकों से कुछ कर्ज लिया है? लेकिन 25 पन्ने के शपथ पत्र में अमित शाह कहते हैं कि मेरे नाम कोई कर्ज नहीं है। बेटे ने बाप की जमीन के नाम पर 95 करोड़ का उधार लिया। उसका जिक्र नहीं है।

- कानून के मुताबिक कुसुम फिनसर्व को हर साल सरकार को सालाना रिपोर्ट फाइल करना पड़ता है। 11 अगस्त 2018 तक कंपनी ने 2016-17 का एनुअल रिपोर्ट नहीं दिया है। ये कानूनी अपराध है।

- कुसुम फिनसर्व कोई  फैक्ट्री नहीं बल्कि वित्तीय व्यापार की कंपनी है। इसको ऊर्जा मंत्रालय की संस्था अरीडा से पिछले साल करीब 10 करोड़ रुपया उधार दिया। नियमों के अनुसार किसी एक व्यक्ति को 5 करोड़ से ज्यादा नहीं दिया जा सकता। लेकिन कुसुम फिनसर्व को साढ़े 10 करोड़ रुपया दिया गया। 

- शेल कंपनी तो बंद हो रही है लेकिन शाह कंपनी चल रही है।


इस आरोप पर भारतीय जनता पार्टी या जय शाह की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

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