हिंदू संगठन का अजमेर शरीफ दरगाह के मंदिर होने का दावा, ASI से सर्वे की मांग, बढ़ाई गई सुरक्षा, खादिम कमेटी ने दिया जवाब

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Published: May 27, 2022 08:59 AM2022-05-27T08:59:29+5:302022-05-27T09:02:29+5:30

महाराणा प्रताप सेना के राजवर्धन सिंह परमार ने दावा किया कि दरगाह की दीवारों व खिड़कियों में हिन्दू धर्म से संबंधित चिह्न है। संगठन ने वहां शिवालय होने का दावा किया है।

Ajmer Sharif Dargah Security beefed up after Hindu organization claimed to be it temple demand for survey from ASI | हिंदू संगठन का अजमेर शरीफ दरगाह के मंदिर होने का दावा, ASI से सर्वे की मांग, बढ़ाई गई सुरक्षा, खादिम कमेटी ने दिया जवाब

हिंदू संगठन का अजमेर शरीफ दरगाह के मंदिर होने का दावा, ASI से सर्वे की मांग, बढ़ाई गई सुरक्षा, खादिम कमेटी ने दिया जवाब

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Highlights हिंदूवादी संगठन महाराणा प्रताप सेना ने हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के पूर्व में शिवालय होने का दावा किया हैखादिम कमेटी अंजुमन सैयद जादगान के अध्यक्ष ने दावे को निराधार बताया हैकमेटी के सचिव वाहिद हुसैन चिश्ती ने कहा कि यह सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश है

जयपुरः हिंदूवादी संगठन महाराणा प्रताप सेना ने अजमेर स्थित हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, पूर्व में मंदिर होने का दावा करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से सर्वे करवाने की मांग की है। महाराणा प्रताप सेना के राजवर्धन सिंह परमार ने दावा किया कि दरगाह की दीवारों व खिड़कियों में हिन्दू धर्म से संबंधित चिह्न है। संगठन ने वहां शिवालय होने का दावा किया है।

सर्वे कराने की मांग

परमार ने कहा कि उनकी मांग है कि एएसआई द्वारा दरगाह का सर्वे करवाया जाये। वहीं, दरगाह की खादिमों की कमेटी ने दावे को खारिज करते हुए कहा कि वहां इस तरह का कोई चिह्न नहीं है। परमार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ‘‘ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पूर्व में एक प्राचीन मंदिर था। उसकी दीवारों और खिड़कियों पर स्वास्तिक के चिह्न है। हमारी मांग है कि दरगाह की एएसआई से सर्वे करवाया जाये।’’  इस बाबत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी भी लिखी गई है। 

खादिम कमेटी अंजुमन सैयद जादगान के अध्यक्ष ने दावे को निराधार बताया

खादिम कमेटी अंजुमन सैयद जादगान के अध्यक्ष मोईन चिश्ती ने कहा कि दावा निराधार है क्योंकि दरगाह में इस तरह के चिह्न नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों समाज हिन्दू और मुस्लिम के करोड़ो लोग दरगाह में आते हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं पूरी जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि दरगाह में कहीं भी स्वास्तिक चिह्न नहीं है। दरगाह 850 वर्षो से है। इस तरह का कोई प्रश्न आज तक उठा ही नहीं हैं। आज देश में एक विशेष तरह का माहौल है जो पहले कभी नहीं था।’’

मोईन चिश्ती ने कहा कि ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर सवाल उठाने का मतलब उन करोड़ो लोगो की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है, जो अपने-अपने धर्म को मानने वाले हैं और यहां आते हैं। चिश्ती ने कहा कि ऐसे सभी तत्वों को जवाब देना सरकार का काम है। कमेटी के सचिव वाहिद हुसैन चिश्ती ने कहा कि यह सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश है। 

दरगाह की बढ़ाई गई सुरक्षा

वहीं हिंदूवादी संगठन द्वारा  अजमेर की दरगाह से जुड़े इस नए दावे के बाद वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन अलर्ट पर है और दरगाह के पास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। गुरुवार को अजमेर की एसडीएम सिटी भावना गर्ग ने दरगाह का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

भाषा इनपुट के साथ

Web Title: Ajmer Sharif Dargah Security beefed up after Hindu organization claimed to be it temple demand for survey from ASI

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