Highlights‘स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर’ में प्रकाशित नये विश्लेषण में अनुमान जताया गया है कि नवजातों में 21 फीसदी मौत का कारण घर एवं आसपास का वायु प्रदूषण है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वायु प्रदूषण अब मौत के लिए सबसे बड़ा खतरा वाला कारक बन गया है।

नयी दिल्ली: भारत में 2019 में वायु प्रदूषण से 16.7 लाख लोगों की मौत हुई है, जिनमें से एक लाख से अधिक की उम्र एक महीने से कम थी। अमेरिका के एक गैर सरकारी संगठन की तरफ से कराए गए अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2020 के मुताबिक बुधवार को हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट (एचईआई) ने वायु प्रदूषण का दुनिया पर असर को लेकर एक रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया कि भारत में स्वास्थ्य पर सबसे बड़ा खतरा वायु प्रदूषण है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘बाहरी एवं घर के अंदर पार्टिकुलेट मैटर प्रदूषण के कारण 2019 में नवजातों की पहले ही महीने में मौत की संख्या एक लाख 16 हजार से अधिक थी। इन मौतों में से आधे से अधिक बाहरी वातावरण के पीएम 2.5 से जुड़ी हुई हैं और अन्य खाना बनाने में कोयला, लकड़ी और गोबर के इस्तेमाल के कारण होने वाले प्रदूषण से जुड़ी हुई हैं।’’

श्वास गुदमरतोय! भारतात वायू प्रदूषणामुळे एकाच वर्षात 12 लाख मृत्यू - Marathi News | Over 12 million early deaths in India in 2017 due to air pollution says report | Latest national News at Lokmat.com

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वायु प्रदूषण और हृदय एवं फेफड़ा रोग के बीच संबंध होने का स्पष्ट साक्ष्य है। एचईआई के अध्यक्ष डैन ग्रीनबाम ने कहा कि किसी नवजात का स्वास्थ्य किसी भी समाज के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होता है और इन नये साक्ष्यों से दक्षिण एशिया और अफ्रीका में नवजातों को होने वाले अधिक खतरा का पता चलता है।

‘स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर’ में प्रकाशित नये विश्लेषण में अनुमान जताया गया है कि नवजातों में 21 फीसदी मौत का कारण घर एवं आसपास का वायु प्रदूषण है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वायु प्रदूषण अब मौत के लिए सबसे बड़ा खतरा वाला कारक बन गया है।

मुंबई, ठाण्यासारख्या शहरांमध्ये वायुप्रदूषणाचा प्रश्न जटिल - Marathi News | The question of air pollution in cities like Mumbai, Thane is complex | Latest mumbai News at Lokmat.com

इसके मुताबिक इंडिया, बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल सहित दक्षिण एशियाई देश उन शीर्ष दस राष्ट्रों में शामिल हैं जहां 2019 में पीएम 2.5 का स्तर सर्वाधिक रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इन सभी देशों में 2010 से 2019 के बीच घर के बाहर पीएम 2.5 का बढ़ा हुआ स्तर महसूस किया गया।’’

वायू प्रदूषणामुळे घटले आयुष्य; आशिया-आफ्रिकेला धोका - Marathi News | Life decreased due to air pollution; Asia-Africa risk | Latest lifeline News at Lokmat.com

इसमें कहा गया कि 2010 के बाद से करीब पांच करोड़ लोग घर के अंदर वायु प्रदूषण से पीड़ित हुए हैं। इसने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एलपीजी कार्यक्रम और अन्य योजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच बनाने में काफी मदद मिली है, खासकर ग्रामीण घरों में। हाल में राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम से महानगरों और देश के अन्य राज्यों में वायु प्रदूषण के बड़े स्रोतों पर कार्रवाई हुई है।’’ 

Web Title: Air pollution situation in India serious, major health threat, 16.7 lakh people died in 2019

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे