Accused of vaccine deficiency baseless, Maharashtra attempting to divert attention from its failure: Harshvardhan | टीके की कमी का आरोप बेबुनियाद, महाराष्ट्र अपनी विफलता से ध्यान भटकाने के प्रयास में : हर्षवर्द्धन
टीके की कमी का आरोप बेबुनियाद, महाराष्ट्र अपनी विफलता से ध्यान भटकाने के प्रयास में : हर्षवर्द्धन

नयी दिल्ली/ मुम्बई, सात अप्रैल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने बुधवार को महाराष्ट्र एवं कुछ अन्य राज्यों पर लोगों का ध्यान बंटाने और उनमें दहशत फैलाने के लिए ‘‘गैर जिम्मेदाराना’ बयान देकर एवं ‘‘निंदनीय’’ प्रयास के माध्यम से इस महामारी को लेकर उनकी ‘विफलताओं’ को ढंकने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

कड़े शब्दों में जारी किये गये बयान में मंत्री ने टीके की कमी के महाराष्ट्र सरकार के दावे को बकवास बताया और कहा कि राज्य के ‘लापरहवाहीपूर्ण’ रवैये ने इस वायरस के खिलाफ लड़ाई में पूरे देश के प्रयास को कमतर किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ जिम्मेदाराना तरीके से काम करने की महाराष्ट्र की असमर्थता समझ से परे है। लोगों में दहशत फैलाना स्थिति को और बिगाड़ना है। टीके की आपूर्ति मांग के हिसाब से निश्चित समयसीमा में की जा रही है और राज्य सरकार को नियमित रूप से इस बात की सूचना दी जा रही है। टीके की कमी के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। ’’

इससे पहले महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि महाराष्ट्र में कई टीकाकरण केंद्र कोरोना वायरस टीकों की कमी की वजह से बंद किये जा रहे हैं और फिलहाल राज्य में 14 लाख खुराक ही हैं जो तीन दिनों में खत्म हो जायेंगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में ‘‘जांच समुचित नहीं है और संपर्क की पहचान की दिशा में भी काफी करना वांछनीय है।’’

उन्होंने कहा कि टीके की कमी के बारे में राज्य में जनप्रतिनिधियों द्वारा दिये गये बयान कुछ नहीं बल्कि इस महामारी को नियंत्रित करने में उनकी बार बार की विफलता से ध्यान बंटाने का प्रयास है।

अठारह साल से उपर के सभी लोगों के लिए टीकाकरण खोल देने की नेताओं की मांग पर उन्होंने कहा कि टीकाकरण का प्राथमिक लक्ष्य सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों में मृत्यु का अनुपात घटाना और समाज को इस महामारी को हराने के लायक बनाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘ जबतक टीके की आपूर्ति सीमित है तब तक प्राथमिकीकरण के सिवा कोई और विकल्प नहीं है। ’’

महाराष्ट्र और दिल्ली टीकाकरण के लिए उम्र सीमा हटाने की मांग कर रहे हैं ।

हर्षवर्धन ने छत्तीसगढ़ के बारे में कहा कि निरंतर ऐसे बयान दिये जा रहे हैं जिनकी मंशा टीकाकरण के बारे में दुष्प्रचार और घबराहट फैलाना है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में मृत्यु दर को घटाने के लिए ऐसे मरीजों की जल्द पहचान किए जाने की आवश्यकता है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराये जाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में राज्यों में मास्क पहनने और दूरी कायम करने के नियम पालन में शिथिलता हो रही है।

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