A war of words between the Trinamool Congress and the BJP for asserting authority over the legacy of Swami Vivekananda | स्वामी विवेकानंद की विरासत पर अधिकार जताने को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में वाकयुद्ध
स्वामी विवेकानंद की विरासत पर अधिकार जताने को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में वाकयुद्ध

कोलकाता, 12 जनवरी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले विवेकानंद की जयंती पर उनकी विरासत पर अपना अधिकार जताने के प्रयास के तहत सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मंगलवार को वाकयुद्ध हुआ।

विपक्षी भाजपा ने कहा कि विवेकानंद के सिद्धांतों का पालन करते हुए वह राज्य को विकास के पथ पर ले जाना चाहती है जबकि तृणमूल कांग्रेस ने स्वामी विवेकानंद की भूमि ‘गुजरात से आयी नफरत की राजनीति’ को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

मंगलवार को स्वामी विवेकानंद की 158 वीं जयंती पूरे राज्य में मनायी गयी और मुख्य आकर्षण यहां शिमला स्ट्रीट पर उनका घर रहा जहां राजनीतिक दलों के नेताओं तथा आम लोगों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं का स्वामी विवेकानंद के निवास पर सुबह से तांता लगा रहा और उन्होंने उन्हें पुष्पांजिल अर्पित की। स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनायी जाती है।

बंगाल में विधानसभा चुनाव में महज कुछ महीने रह जाने के बीच इस मौके पर दोनों ही दलों में आगे दिखने की होड़ नजर आयी।

भाजपा ने अपने आप को उनका अनुयायी साबित करने के लिए पूरे राज्य में कई कार्यक्रम किये।

इस मौके पर पांच किलोमीटर के मार्च में शिरकत करने वाले तृणमूल सांसद और पार्टी की युवा शाखा के अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘ एक राजनीतिक दल अपने आप को स्वामी विवेकानंद के अनुयायी के रूप में पेश कर रहा है। मैं उसे बताना चाहता हूं कि स्वामी ने नफरत और सांप्रदायिकता की राजनीति का कभी उपदेश नहीं दिया जो भाजपा करती है।’’

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘ बंगाल के लोग और यहां की भूमि, जो उनका जन्मस्थान है, भगवा पार्टी की नफरत की राजनीति खारिज कर देगी। ’’

उन्होंने भाजपा पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर, ईश्वर चंद्र विद्यासागर जैसे बंगाल की ऐतिहासिक हस्तियों का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि उनमें से किसी ने भी एक धर्म को दूसरे के खिलाफ खड़ा नहीं किया।

वरिष्ठ तृणमूल नेता और राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम ने भाजपा पर स्वामी विवेकानंद एवं अन्य का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरेाप लगाया।

ममता बनर्जी ने स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ''वैश्विक भाईचारे एवं शांति का उनका संदेश आज के दौर में बेहद प्रासंगिक है और हम सबको अपने देश में इन आदर्शों की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देता है।''

राज्य के विभिन्न हिस्सों में रैलियां निकालने के अलावा भाजपा ने स्वामी विवेकानंद की 158वीं जन्मतिथि पर श्याम बाजार से लेकर उनके पैतृक आवास शिमला स्ट्रीट तक भव्य रैली निकाली।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने रैली का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद द्वारा दिखाया गया रास्ता ‘‘युवाओं के लिए पथ प्रदर्शित करने वाला प्रकाश है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ स्वामी विवेकानंद के आदर्श आज के विश्व में प्रासंगिक हैं। हम उनके सिद्धांतों का पालन करते हुए राज्य को विकासपथ पर ले जायेंगे। ’’

स्वामीजी के पोस्टर, तस्वीरें और गुब्बारे हाथों में लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने रैली में भाग लिया।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और राज्य के अन्य नेताओं जैसे राहुल सिन्हा और जयप्रकाश मजूमदार ने भी रैली में भाग लिया।

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