WHO-AIIMS sero survey: क्या बच्चों पर पड़ेगा तीसरी लहर का असर ?, जानें सर्वे में क्या कहा गया

By उस्मान | Published: June 18, 2021 11:35 AM2021-06-18T11:35:59+5:302021-06-19T12:03:04+5:30

ऐसा माना जा रहा था कि तीसरी लहर में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं

WHO-AIIMS sero survey: Third Covid-19 wave may not hit kids disproportionately | WHO-AIIMS sero survey: क्या बच्चों पर पड़ेगा तीसरी लहर का असर ?, जानें सर्वे में क्या कहा गया

कोरोना वायरस

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Highlightsऐसा माना जा रहा था कि तीसरी लहर में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैंखतरा टला नहीं है, नियमों का पालन जरूरीबच्चों के लक्षणों पर रखें खास ध्यान

कोरोना वायरस की दूसरी लहर धीमी होने के साथ रोजाना के नए मामलों में तेजी से कमी देखने को मिल रही है। अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है और दावा किया जा रहा है कि इसका सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ेगा। इस बीच विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन और एम्स के एक सर्वे में दावा किया गया है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को खास प्रभावित नहीं कर पाएगी। 

एम्स और विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से किए गए अध्ययन में बच्चों में हाई सीरो-पॉजिटिविटी होने की जानकारी मिली है। देश में चल रहे एक अध्ययन के अंतरिम नतीजों में यह दावा किया गया है कि सीरो पॉजिटिविटी दर बच्चों में अधिक है, इसलिए 2 साल से अधिक उम्र के बच्चों का कोरोना से प्रभावित होने का खतरा कम है।

ये नतीजे 4,509 भागीदारों के मीडियम टर्म एनालिसिस पर आधारित हैं। इनमें दो से 17 साल के आयु समूह के 700 बच्चों को, जबकि 18 या इससे अधिक आयु समूह के 3,809 व्यक्तियों को शामिल किया गया। ये लोग पांच राज्यों से लिए गए थे।

आंकड़े जुटाने की अवधि 15 मार्च से 15 जून के बीच की थी। इन्हें पांच स्थानों से लिया गया, जिनमें दिल्ली शहरी पुनर्वास कॉलोनी, दिल्ली ग्रामीण (दिल्ली-एनसीआर के तहत फरीदाबाद जिले के गांव), भुवनेश्वर ग्रामीण क्षेत्र, गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र और अगरतला ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। 

ये नतीजे बहु-केंद्रित, आबादी आधारित, उम्र आधारित सीरो मौजूदगी अध्ययन का हिस्सा है, जिसे एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया और डिपार्टमेंट फॉर सेंटर ऑफ मेडिसीन के प्रोफेसर पुनीत मिश्रा, शशि कांत और संजय के राय सहित अन्य विशेषज्ञों द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन यूनिटी अध्ययनों के तहत किया जा रहा है। 

यह अध्ययन पांच चयनित राज्यों में कुल 10,000 की प्रस्तावित आबादी के बीच किया जा रहा है। स्टडी में बताया गया है कि वयस्क आबादी की तुलना में बच्चों में सीरो-पॉजिटिविटी ज्यादा थी। ऐसे में इस बात की संभावना कम है कि भविष्य में आने वाली तीसरी लहर दो साल या इससे ज्यादा उम्र के बच्चों को अनुपातहीन तरीके से प्रभावित करेगी।

Web Title: WHO-AIIMS sero survey: Third Covid-19 wave may not hit kids disproportionately

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