भारत में 2019 में हाई ब्लड प्रेशर जैसी इन 5 बीमारियों से हुई सबसे ज्यादा मौत

By उस्मान | Published: October 16, 2020 12:25 PM2020-10-16T12:25:17+5:302020-10-16T12:25:17+5:30

भारत में प्रदूषण की वजह से सबसे ज्यादा करीब 1.67 मिलियन मौत

new study has found that air pollution, high blood pressure, tobacco use, poor diet, and high blood sugar were the top five risk factors for deaths in India in 2019 | भारत में 2019 में हाई ब्लड प्रेशर जैसी इन 5 बीमारियों से हुई सबसे ज्यादा मौत

हाई ब्लड प्रेशर

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Highlightsप्रदूषण की वजह से करीब 1.67 मिलियन मौतभारत में मौतों का प्रमुख कारण गैर-संचारी रोगभारत में जीवन प्रत्याशा 59.6 से बढ़कर 70.8 साल

भारत में लोगों की मौत का सबसे बड़ा कारण क्या है? इस सवाल का जवाब हाल ही में एक नए अध्ययन में मिला है। एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में पिछले साल यानी 2019 में सबसे ज्यादा मौत वायु प्रदूषण, हाई ब्लड प्रेशर, तंबाकू का उपयोग, खराब डाइट और हाई ब्लड शुगर की वजह से हुई। 

यह अध्ययन शुक्रवार को मेडिकल जर्नल द लांसेट में प्रकाशित किया गया है, शोधकर्ताओं ने मौत के 286 कारणों, 369 बीमारियों और चोटों को लेकर 204 देशों और क्षेत्रों में 87 जोखिम कारकों का विश्लेषण किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि मोटापा, हाई ब्लड शुगर जैसे पुरानी बीमारियों, कोरोना वायरस और वायु प्रदूषण जैसे कारकों ने सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। 

प्रदूषण की वजह से करीब 1.67 मिलियन मौत
टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन से पता चलता है कि वायु प्रदूषण की वजह से करीब 1.67 मिलियन मौत हुई। इसके बाद हाई ब्लड प्रेशर, (1.47 मिलियन), तंबाकू के उपयोग से (1.23 मिलियन), खराब डाइट से (1.18 मिलियन) और हाई ब्लड शुगर से (1.12 मिलियन) मौ हुई है।

Air Pollution Control Program – GreenDallas

भारत में मौतों का प्रमुख कारण गैर-संचारी रोग
साल 2019 में इस्केमिक हार्ट डिजीज से 1.52 मिलियन, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज से 8,98,000, स्ट्रोक से 6,99,000, डायबिटीज से 2,73,000 और सिरोसिस और लीवर की बीमारी से 2,70,000 मौत हुई। अध्ययन में कहा गया है कि भारत में मौतों का प्रमुख कारण गैर-संचारी है।

भारत में 2019 में बाल और मातृ कुपोषण कुल स्वास्थ्य हानि के लिए प्रमुख जोखिम कारक पाया गया, वायु प्रदूषण को दूसरा प्रमुख जोखिम कारक माना गया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुल रोग भार का 58 प्रतिशत गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के कारण होता है जबकि एनसीडी के कारण समय से पहले होने वाली मौतों में 22 से 50 प्रतिशत तक दोगुनी से अधिक हुई है।

भारत में जीवन प्रत्याशा 59.6 से बढ़कर 70.8 साल
रिपोर्ट के अनुसार, 1990 के बाद से भारत में जीवन प्रत्याशा में एक दशक से अधिक का समय बढ़ा है, जो 2019 में 59.6 साल से बढ़कर 70.8 साल हो गया है। केरल में यह 77.3 साल है जबकि उत्तर प्रदेश में 66.9 साल है। 

इस बीच, भूटान, नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों ने एनसीडी के उदय के कारण 1990 के बाद से कुल स्वास्थ्य हानि (DALYs) का अनुपात 150 प्रतिशत से अधिक देखा गया है, जो अब सभी DALYs के आधे से अधिक में योगदान देता है।

अध्ययन में कहा गया है कि कुल मिलाकर, पिछले तीन दशकों में हानिकारक जोखिमों को कम करने का रिकॉर्ड खराब है। शोधकर्ताओं ने माना है कि धूम्रपान कम करने, आम जनता को जोखिम कारक नुकसान के बारे में जानकारी प्रदान करने और अन्य जोखिमों पर एक मजबूत नीति बनाकर इसे कम किया जा सकता है।

Web Title: new study has found that air pollution, high blood pressure, tobacco use, poor diet, and high blood sugar were the top five risk factors for deaths in India in 2019

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