Highlightsकोरोना संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत तीसरे स्थान परकोरोना से दुनियाभर में 552,046 लोगों की मौतडब्ल्यूएचओ ने कोरोना के हवा में फैलने के सबूतों को स्वीकार किया

भारत में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। चीन से निकले इस खतरनाक वायरस से देश में अब तक 21,144 लोगों की मौत हो गई है और कुल संक्रमितों की संख्या 769,052 हो गई है और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। कुल संक्रमितों में से 476,554 लोग सही भी हुए हैं। 

संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस वायरस से सबसे ज्यादा प्रभाव अमेरिका में देखने को मिला है जो 3,158,932 मामलों के साथ टॉप पर है और इसके बाद 1,716,196 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। 

पहले कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल रहा था लेकिन अब यह हवा से भी फैल रहा है इसलिए अब लोगों को और ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। कोविड-19 के हवा में फैलने का दावा 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने किया है और इस बात को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गंभीरता से लिया है और उनके सबूतों स्वीकार किया है। 

हवा में कितनी दूर तक फैल सकता है कोरोना ?

हवा में कोरोना कितनी दूरी तक फैल सकता है कि इस सवाल के जवाब में डॉक्टर बताते हैं कि जब कोई संक्रमित व्‍यक्‍ति खांसता है या फिर छींकता है, बोलता है, तो उसके मुंह से निकलने वाले छोटे बूंद हवा में एक मीटर से लेकर छह मीटर तक फैल सकते हैं। इस बात को लेकर कुछ डॉक्टरों ने असहमती जताई। 

डॉक्टर ने बताया कि किसी संक्रमित के छींकने से जो कण निकलते हैं वह किसी दूर खड़े शख्स के तक पहुंच सकता है या नहीं ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसकी गति कितनी है या वहां का मौसम कैसा है। 

उन्होंने कहा कि अगर हम किसी बंद कमरे या जगह पर होते हैं तो वहां पर वायरस की फैलने का खतरा ज्यादा होता है। लेकिन जब किसी खुले जगह पर होते हैं तो वायरस के फैलने की आशंका कम हो जाती है।

कोरोना वायरस के हवा में फैलने के बीच खुद को कैसे सुरक्षित रखें

1) वैज्ञानिको का कहना है कि वायरस से बचने के लिए मास्क लगाना बेहद जरूरी है। लोग बेवजह घर से बाहर न निकले। अगर बाहर जाते भी हैं तो लोगों से दूरी बनाए रखे। 

2) कोरोना वायरस का प्रसार हवा के जरिये हो रहा है, तो खराब वेंटिलेशन और भीड़ वाले स्थानों में इसकी रोकथाम के लिए बड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा है कि इससे बचने के लिए घर के अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना जरूरी हो। 

3) वैज्ञानिकों ने कहा मेडिकल स्टाफ को एन-95 मास्क की आवश्यकता हो सकती है। इस तरह के मास्क कोरोना वायरस रोगियों के बोलने, खांसने और छींकने से निकलने वाली छोटी से छोटी श्वसन बूंदों को भी छान लेते हैं।

4) सुझाव में उन्होंने ये भी कहा है कि स्कूलों, नर्सिंग होम, घरों और व्यवसायों में वेंटिलेशन सिस्टम जगहों पर प्रसार को कम करने के लिए शक्तिशाली नए फिल्टर लगाने की आवश्यकता हो सकती है। छोटी बूंदों में घर के अंदर तैरने वाले वायरल कणों को मारने के लिए पराबैंगनी रोशनी की आवश्यकता हो सकती है।

5) फेस मास्क का इस्तेमाल करें। आपस में एक-दूसरे से कम से कम 2 मीटर की दूरी। अपने हाथ नियमित तौर पर अच्छे से साफ करना। 

6) एयरबोर्न ट्रांसमिशन को रोकने का मतलब है कि जितना हो सके भीड़ वाली बंद जगह पर जाने से बचा जाए। अगर किसी बंद जगह पर रहना हो तो मास्क पहनना न भूलें। 

7) सुनिश्चित करें कि कमरे में ताजी हवा आती रहे और खिड़कियां और दरवाजे जितना हो सके खुला रखें। एसी के फिल्टर अपग्रेड कर सकते हैं तो करें। 

8) स्कूल, ऑफिस, मॉल और स्टोर में वेंटिलेशन सिस्टम में ज्यादा बेहतर नए फिल्टर की जरूरत हो सकती है ताकि हवा रिसर्कुलेट न हो।

Web Title: Coronavirus in India: total cases, new cases, total deaths, active cases in India, tips to prevention covid-19 airborne virus, precaution tips of coronavirus in Hindi
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