causes, symptoms and treatment of neurofibromatosis | इस लाइलाज बीमारी से पीड़ित है यह लड़की

मध्य प्रदेश की रहने वाली 18 वर्षीय सलिबूनिसा एक खतरनाक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी की वजह से उसके चेहरे का हिस्सा लटक गया है। इस बीमारी ने उसकी एक आंख की रोशनी छीन ली है और उसकी गर्दन में हमेशा दर्द रहता है। इस बीमारी उसके शरीर में हमेशा दर्द रहता है। उसे नहाते, कपड़े पहनते, खाते यहां तक की खाना बनाते समय भी शरीर में दर्द होता रहता है। इस बीमारी की वजह से उसकी स्किन लगातार बढ़ती जा रही है। उसके चेहरे के एक हिस्से की स्किन देखकर ऐसा लगता है जैसे उनकी स्किन पिघलकर गिरने को तैयार है। डॉक्टर्स ने उन्हें इस बीमारी के इलाज का खर्चा 8 लाख रुपये बताया है। 

इतना दर्द झेलते हुए भी सलीबुनिसा की भविष्य के लिए सकारात्मक उम्मीद है। वो एक आंख से पूरी तरह अंधी है लेकिन फिर भी अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है और टीचर बनना चाहती है। इस बीमारी को न्यूरोफाइब्रोमेटोसिस टाइप 1 (एनएफ 1) कहते हैं। इसमें नर्वस सिस्टम के अंदर ट्यूमर बनने लगते हैं। इस बीमारी को कोई इलाज भी नहीं है। 

न्यूरोफाइब्रोमेटोसिस बीमारी से पीड़ित है यह लड़की

यह एक जेनेटिक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो दिमाग, रीढ़ की हड्डी, नसों और त्वचा को प्रभावित करता है। जेनेटिक बदलाव के कारण होने वाले इस रोग से नर्व टिश्यू की ग्रोथ पर असर पड़ता है। इसके शुरूआती लक्षणों में फ्लैट ब्राउन बर्थमार्क और स्किन पर गांठ बनना शामिल हैं। इससे पीड़ित की सीखने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। 

ट्यूमर नर्व सेल्स (तंत्रिका कोशिकाओं) और स्किन सेल्स (त्वचा कोशिकाओं) में परिवर्तन से उत्पन्न होते हैं। ट्यूमर शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों में भी दबाव डाल सकते हैं क्योंकि उनका आकार बढ़ता है। एनएफ से विकास संबंधी असामान्यताओं और या सीखने की अक्षमता भी पैदा हो सकती है। 

ट्यूमर शरीर की तंत्रिकाओं के साथ या त्वचा के नीचे बढ़ते हैं। यह दो तरह के होते हैं एनएफ 1 और एनएफ 2। इसमें से एनएफ 1 से बच्चे अधिक पीड़ित होते हैं यानी जन्म के दौरान हर 4 बच्चों में से एक बच्चा इससे पीड़ित हो सकता है जबकि एनएफ 2 से हर 4 हजार बच्चों में से एक बच्चा प्रभावित हो सकता है। 

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न्यूरोफाइब्रोमेटोसिस का क्या इलाज

हालांकि एनएफ 1 वाले से पीड़ित ज्यादातर लोग स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है लेकिन इस तरह की गांठ को हटाने के लिए कुछ सर्जरी की जा सकती हैं।

(फोटो- डेलीमेल)