नवरात्रि का पर्व जारी है। नौ दिन के इस पर्व की पूरे देश में धूम है। इन नौ शुभ दिनों को दुर्गा पूजा नवदुर्गा के रूप में भी मनाया जाता है। इन नौ दिनों व्रत या उपवास रखे जाते हैं। इस साल यह पर्व 18 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है और इस आखिरी दिन को नवमी के रूप में मनाया जाता है। हालांकि कुछ लोग सिर्फ सात दिन व्रत रखकर अष्टमी भी मनाते हैं।  

अष्टमी पूजा कब है? 
इस साल अष्टमी बुधवार, 17 अक्टूबर 2018 को मनाया जाएगा।
16 अक्टूबर 2018 को अष्टमी तीथी की शुरुआत = 10:16
अष्टमी तीथी समाप्त = 12:49 17 अक्टूबर 2018 को 

नवमी पूजा कब है? 
इस वर्ष महानवमी 17 अक्टूबर को शुरू होगा और 18 अक्टूबर को समाप्त होगा।
नवमी तीथी शुरुआत - 12:49 अपराह्न 17 / अक्टूबर / 2018 को
नवमी तीथी समाप्त - 18:28 अपराह्न 18 / अक्टूबर / 2018

अष्टमी, राम नवमी का महत्त्व और कन्या पूजन क्यों होती है?  
इस वर्ष राम नवमी का पर्व 18 अक्टूबर को है। कुछ लोग आठ दिन के उपवास के बाद नवें दिन नौ कन्याओं को खाना खिलाने के बाद नवमी को उपवास खोलते हैं। वही कुछ लोग पड़वा और अष्टमी का व्रत रखते हैं और फिर नवमी को कन्या खिलाते हैं। आठ दिन के उपवास के बाद नवमी की पूजा में किसी भी और पूजा की तरह, बहुत पारंपरिक खाना बनता है और प्याज और लहसुन का प्रयोग नहीं किया जाता है। आमतौर पर भोग के लिए और कन्या को खिलाने के लिए हलवा पूड़ी बनती है जिसे प्रसाद के तौर पर पास पड़ोस में भी बांटा जाता है।

अष्टमी और नवमी में कन्या पूजन के लिए क्या-क्या चीजें बनाई जाती हैं? 
इस दिन खाने में एक या फिर दो सूखी सब्जी, एक रसे की सब्जी, रायता और पूरी-कचौरी बनाई जाती है। उत्तर भारत में कभी भी पूजा के लिए दाल और चावल नहीं बनाया जाता। वैसे आप प्यार और श्रद्धा से जो भी प्रभु को अर्पित करें वो स्वीकार किया जाता है, इसीलिए जरूरी नहीं कि आप छप्पन पकवान ही बनाएं। आप ये चीजें बना सकते हैं- 

1) सूजी का हलवा
सूजी का हलवा तीज-त्यौहारों, शादी-विवाह, पूजा-पाठ से लेकर किसी भी उत्सव में बनने वाला एक स्वादिष्ट ओर पारंपरिक हलवा है। भारत में अलग अलग प्रान्तों में सूजी का हलवा बनाने की विभिन्न विधियां हैं। उत्तर भारत में सूजी का हलवा कन्या भोज, कड़ाही की पूजा या फिर जिसे हम पूजा का खाना भी कहते हैं, के लिए जरूर बनाया जाता है। सूजी के हलवे को बनाना काफी आसान होता है और इसको बनाने में अधिक समय भी नही लगता है।

2) काले चने
उत्तर भारत में अष्टमी और नवमी की पूजा के लिए सूजी का हलवा और पूरी के साथ में काले चने भी बनाने की परंपरा है। खास तौर पर उत्तर प्रदेश में पूजा के लिए जो खाना हम बनाते हैं। उसमें प्याज और लहसुन का प्रयोग नही किया जाता है। चने में प्रोटीन की मात्रा बहुतायत में होती है तो रविवार के नाश्ते के लिए यह डिश बिल्कुल उपयुक्त है। 

3) खट्टा मीठा कद्दू
खट्टा मीठा कद्दू खासकर दाल की कचौरी के साथ परोसा जाता है। यह एक स्वादिष्ट सब्जी है और आप दाल चावल या फिर किसी और रोटी या पराठे के साथ भी सर्व कर सकते है। इस विधि के लिए हरे, और एकदम कच्चे कद्दू का प्रयोग किया जाता है। अब क्योंकि विदेश में तमाम तरह के कद्दू मिलते हैं लेकिन भारतीय कद्दू नही, तो मैने इस विधि के लिए एक प्रकार की जुचीनी का प्रयोग किया है। 

4) मूंग की दाल के दही बड़े
मूंग की दाल के दही बड़े उत्तर प्रदेश में बहुत लोकप्रिय हैं। मूंग की दाल के बड़े उड़द की दाल के बड़े की तुलना में काफी हल्के होते हैं और स्वाद में भी लाजवाब होते हैं। वैसे तो बड़े तल कर बनाए जाते हैं लेकिन दही बड़ों के बड़े पानी में भिगोये जाते हैं जिससे इनका सारा तेल निकल जाता है और बड़े काफी हद तक चिकनाई मुक्त हो जाते हैं। 

5) बूंदी का रायता
बूंदी का रायता बहुत ही स्वादिष्ट चटपट बनने वाला रायता है। उत्तर भारत में आमतौर पर बूंदी का रायता हर उत्सव में बनता है। पूरी और आलू टमाटर के रसे के साथ बून्फी रायता बहुत स्वादिष्ट लगता है। बूंदी का रायता आप खिचड़ी, तहरी, या फिर बिरयानी किसी के साथ भी परोसें यह बहुत बढ़िया लगता है। वैसे तो आजकल बूंदी भारतीय स्टोर में आसानी से मिल जाती है लेकिन फिर भी आप चाहें तो बूंदी को आसानी से घर पर भी बना सकते हैं।  

6) दाल की पूरी
उड़द की दाल को आटे में गूंथ कर बनाई गयी यह पूरी कचौड़ी का स्वाद देती है। यह पूरियां बहुत जल्दी बन जाती हैं, और स्वादिष्ट भी बहुत लगती हैं। तो इस अष्टमी और नवमी पूजा के लिए घर स्वादिष्ट दाल की पूरियां जरूर बनाएं। 

Web Title: Navratri ashtami navami kanya pujan vidhi, food, date & time
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