Tabrez Ansari MOB lynching: autopsy report dector says Ansari had skull fracture head injury | तबरेज अंसारी मौत केस में गहराता जा रहा सस्पेंस, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने किया ये खुलासा
तबरेज अंसारी मौत केस में गहराता जा रहा सस्पेंस, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने किया ये खुलासा

Highlightsतबरेज अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। झारखंड पुलिस की ओर से 11 आरोपियों के खिलाफ धारा 302 को हटा कर धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) में तब्दील कर दिया गया।

झारखंड के सरायकेला-खरसावां में तबरेज अंसारी (24 वर्षीय) नाम के एक मुस्लिम युवक की मॉब लिंचिंग (भीड़ हत्या) मामले में सभी 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या का आरोप हटाने के बाद ये केस और भी पेचीदा हो गया है। तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में डॉक्टर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अलग-अलग बातें कह रही है। इस केस में झारखंड पुलिस की ओर से 11 आरोपियों के खिलाफ धारा 302 को हटा कर धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) में तब्दील कर दिया गया। तबरेज अंसारी की 17 जून 2019 को भीड़ ने बाइक चोरी के शक में बुरी तरह पिटाई की थी। बाद में इसकी वजह से 22 जून को तबरेज की अस्पताल में मौत हो गई थी। 

इंडिया टूडे से बात करते हुये तबरेज अंसारी के पोस्टमार्टम टीम के हिस्से रहे डॉक्टर ने कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस बात का साफ तौर पर खुलासा किया गया था कि  तबरेज अंसारी के सिर में गंभीर चोटें आईं थी। जब तबरेज को पुलिस स्टेशन से अस्पताल लाया गया था तो उसके सिर में काफी चोट लगी हुई थी। डॉक्टर ने कहा है कि सिर पर लगी चोट काफी गंभीर थी। जो कि एक प्रकार का  फ्रैक्चर था।  डॉक्टर ने बताया कि सिर की निचली सतह पर आर्कोनॉयड हेमरेज और खून का थक्का भी पाया गया था। डॉक्टर ने कहा है कि कार्डियक अरेस्ट सिर में चोट लगने की वजह से आई थी। 

तबरेज अंसारी की पत्नी ने सीबीआई जांच की मांग की

तबरेज अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें जिला पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। तबरेज की पत्नी ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-302 के तहत मामला बहाल करने की मांग की।

19 वर्षीय परवीन ने कहा, ‘‘ मैं अपने पति की भीड़ द्वारा पीटकर की गई हत्या के मामले की सीबीआई जांच की मांग करती हूं क्योंकि मुझे जिला पुलिस की जांच में भरोसा नहीं है।’’ उन्होंने सवाल किया कि पुलिस भीड़ की पिटाई से घायल उनके पति को जेल भेजने के बजाय क्यों नहीं अस्पताल ले गई। जिला पुलिस की ओर से हत्या की धारा हटाकर गैर इरादतन हत्या का मामला चलाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए परवीन ने कहा, ‘‘ मुझे मुख्य आरोपी की मौत की सजा और अन्य को उम्रकैद से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।’’

तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग का पूरा मामला क्या है? 

17 जून 2019 की रात तबरेज और दो अन्य लोगों पर एक गांव में एक मकान में चोरी के इरादे से घुसने का आरोप लगाया गया। इसके बाद, मकान में रहने वाले लोगों ने शोर मचाया और ग्रामीणों ने तबरेज को पकड़ लिया तथा उसकी पिटाई की। घटना की सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की शिकायत पर तबरेज को जेल ले गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लेकिन चोटों के चलते उसकी तबियत बिगड़ने पर उसी दिन उसे सदर अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उसे 22 जून को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और कर्तव्य में लापरवाही बरतने को लेकर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।


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