वानखेड़े ने 10 कोरे कागजों पर मेरा हस्ताक्षर लिया था, गवाह का दावा- आर्यन को छोड़ने के लिए फाइनल हुई डील में से 8 करोड़ समीर को दिए जाने थे

By अनिल शर्मा | Published: October 25, 2021 11:11 AM2021-10-25T11:11:09+5:302021-10-25T11:38:50+5:30

प्रभाकर को पंच बनाए जाने के बाद उससे आधार कार्ड भी मांगे गए जिसपर उसने एक एनसीबी अधिकारी का नंबर लिया और फोन पर भेजने को कहा। उधर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी समीर वानखेड़े ने मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है।

ncb witness prabhakar sail claim Wankhede took signature on 10 blank papers 8 crore was given to sameer final deal to release aryan | वानखेड़े ने 10 कोरे कागजों पर मेरा हस्ताक्षर लिया था, गवाह का दावा- आर्यन को छोड़ने के लिए फाइनल हुई डील में से 8 करोड़ समीर को दिए जाने थे

वानखेड़े ने 10 कोरे कागजों पर मेरा हस्ताक्षर लिया था, गवाह का दावा- आर्यन को छोड़ने के लिए फाइनल हुई डील में से 8 करोड़ समीर को दिए जाने थे

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Highlightsप्रभाकर के मुताबिक गोसावी ने उसे फोन किया था और पंच बनने को कहा थाप्रभाकर को पंच बनाए जाने के बाद उससे आधार कार्ड भी मांगे गए प्रभाकर ने दावा कि आर्यन को छोड़ने के लिए 18 करोड़ पर डील फाइनल हुई थी जिसमें से 8 करोड़ समीर को दिए जाने थे

मुंबई: हाईप्रोफाइल मुंबई क्रूज ड्रग्स मामला इन दिनों सुर्खियों में हैं। वहीं इस बीच केस में एक नया ट्विस्ट सामने आया है। बॉलीवुड अभिनेता शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) के खिलाफ केस में गवाह बनाए गए प्रभाकर सेल ने एक हलफनामा में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। प्रभाकर सईल के मुताबिक वह भगोड़ जासूस केपी गोसावी के अंगरक्षक के तौर पर काम कर चुके हैं।

प्रभाकर ने दावा किया है कि समीर वानखेड़े ने उनसे 9 से 10 कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए। यही नहीं प्रभाकर ने एनसीबी और इसके जोनल प्रमुख समीर वानखेड़े का जिक्र करते हुए कहा कि आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। हालांकि बात 18 करोड़ पर बनी जिसमें से 8 करोड़ रुपए समीर वानखेड़े को दिए जाने थे।

प्रभाकर ने यह भी दावा किया है कि क्रूज पर छापेमारी के बाद शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी के साथ केपी (किरण) गोसावी और सैम को नीले रंग की मर्सिडीज कार में एकसाथ करीब 15 मिनट तक बात करते देखा था। सैम भी एनसीबी के गवाहों मे से एक हैं। प्रभाकर ने कहा कि गोसावी और एनसीबी अधिकारी आर्यन को गाड़ी में बैठाकर दफ्तर ले गए और मैं पैदल एनसीबी कार्यालय पहुंचा था। 

प्रभाकर के मुताबिक गोसावी ने उसे फोन किया था और पंच बनने को कहा था। प्रभाकर ने बताया कि रात 12:45 पर वह एनसीबी कार्यालय पहुंचा जिसके बाद गोसावी ने उसे उपर बुलाया और पंच बनने को कहा।  उसने बताया है कि NCB ने उससे 10 सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए थे। सादे कागज को देख उसने कहा था कि ये सभी सादे कागज हैं जिसपर समीर ने कहा कि जल्दी-जल्दी इसका हस्ताक्षर लो।

प्रभाकर को पंच बनाए जाने के बाद उससे आधार कार्ड भी मांगे गए जिसपर उसने एक एनसीबी अधिकारी का नंबर लिया और फोन पर भेजने को कहा।उधर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी समीर वानखेड़े ने मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। इस बाबत उन्होंने पुलिस कमीश्नर को चिट्ठी लिखकर उनपर कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही है। समीर ने ये भी कहा कि वह इसका 'करारा जवाब' देंगे।

 

 

Web Title: ncb witness prabhakar sail claim Wankhede took signature on 10 blank papers 8 crore was given to sameer final deal to release aryan

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