nagpur jail Prisoner delivering charas prison guards 70 thousand hidden 28 grams socks stole red handed | कैदियों को चरस पहुंचा रहा था जेल रक्षक, मोजे में छुपाई थी 70 हजार रुपए की 28 ग्राम चरस, रंगे हाथ धराया
जेल अधीक्षक अनुप कुमार कुमरे के कक्ष में लाया गया. वहां उनकी तलाशी ली गई. (file photo)

Highlightsशातिर दिमाग रक्षक तलाशी लेनेवालों को चकमा देकर मादक पदार्थ लेकर प्रवेश करते है.नाइट में करीब 35 रक्षक तैनात रहते है. मंगेश की भी शाम 5 बजे ड्यूटी पर पहुंचा.नाइट ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को शाम 5 बजे जेल में प्रवेश दिया जाता है.

नागपुरः जेल रक्षक द्वारा अपराधियों को चरस की आपूर्ति किए जाने का मामला सामने आया है. जेल अधिकारियों की सतर्कता से सामने आए इस प्रकरण से जेल में हड़कंप मचा हुआ है.

रंगे हाथ मिले रक्षक को गिरफ्तार करके 70 हजार रुपए कीमत की 28 ग्राम चरस बरामद की गई है. मंगेश मुलत: अकोला का निवासी है. उसका एक साल 2018 में जेल रक्षक के पद पर चयण हुआ है. प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद उसे पहली तैनाती नागपुर जेल में दी गई थी. यहां सहकार नगर में रहता था.

जेल में बंद कई अपराधी अथवा मादक पदार्थ तस्करों को नशे की लत है. इसे पूरा करने के लिए वह कोई भी कीमत अदा करने के लिए तैयार रहते है. जेल ब्रेक और समय-समय पर कैदी अथवा रक्षकों को मादक पदार्थ ले जाते हुए पकड़ा गया है. इस वजह से जेल की सुरक्षा को सख्त कर दिया गया है.

कोविड के चलते कैदियों की अदालत में पेशी बंद है. इस वजह से जेल रक्षक ही भीतर मादक पदार्थ पहुंचाने का एकमात्र माध्यम है. इसका लाभ उठाकर मंगेश कैदियों को मादक पदार्थ के आपूर्ति करने लगा. ड्यूटी के वक्त जेल रक्षकों की मेन गेट पर तलाशी ली जाती है. इसके बाद उन्हें भीतर जाने दिया जाता है. शातिर दिमाग रक्षक तलाशी लेनेवालों को चकमा देकर मादक पदार्थ लेकर प्रवेश करते है.

जेल अधिकारियों को कुछ कर्मियों के बर्ताव पर संदेह हुआ. नाइट ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को शाम 5 बजे जेल में प्रवेश दिया जाता है. नाइट में करीब 35 रक्षक तैनात रहते है. मंगेश की भी शाम 5 बजे ड्यूटी पर पहुंचा. जे अधिकारियों को मंगेश सहित चार कर्मियों पर मादक पदार्थ ले जाने का संदेह था. उन्हें जेल अधीक्षक अनुप कुमार कुमरे के कक्ष में लाया गया. वहां उनकी तलाशी ली गई.

मंगेश ने बाए पैर के मोजे में चरक की दो पुडि़या छूपाकर रखी थी. उसने मोजे के उपरी हिस्से में दोनों पुडि़या को इस तरह से छुपाया था कि मोजे उतारने के बाद ही उसका पता चल सके. अधीक्षक कुमरे और अन्य अधिकारियों ने मोजे उतारकर मंगेश की तलाशी ली तो दोनों पुडि़या मिल गई. कुमरे ने आला अधिकारियों को घटना की सूचना दी.

आवश्यक प्रक्रिया के बाद धंतोली पुलिस को सूचना दी गई. दुय्यम निरीक्षक धनंजय पाटिल जेल पहुंच गए. उन्होंने मंगेश को हिरासत में लेकर चरस बरामद कर ली. उसके खिलाफ मादक पदार्थ निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.

संपन्न परिवार का है आरोपीः मंगेश संपन परिवार का सदस्य है. उसके पिता पंचायत समिति में कार्यरत है. मां परिचारिका है. माता-पिता के अलावा छोटा भाई है. उसे किसी बात की कमी नहीं थी. इसके बावजूद उसने वर्दी को कलंकीत किया है. उसके कृत्य से जेल अधिकारी भी अवाक है. उसका 27 फरवरी को विवाह होनेवाला था. परिजन इसके विवाह की तैयारी में जुटे हुए थे.

किसकी शह पर किया दुस्साहसः इस प्रकरण में जेल अे अन्य रक्षक भी लिप्त होने का पता चला है. कोई भी रक्षक इस तरह की जोखिम नहीं उठा सकता है. मंगेश ने किसकी शह पर यह दुस्साहस किया है इसका पता लागाया जा रहा है. जेल कर्मियों को पहले भी कई मर्तबा रंगे हाथ पकड़ा गया है. कुछ समय पहले ही मुद्रणालय के एक कर्मचारी को अदालत से सजा भी हुई है.

नहीं मिल पाई पुलिस हिरासत धंतोली पुलिस ने मंगेश को आज अदालत में पेश करके हिरासत में देने का अनुरोध किया. अदालत ने पुलिस का अनुरोध ठुकराकर मंगेश को न्यायिक हिरासत में भेजकर जमानत भी दी. मंगेश को जमानत मिल जाने से प्रकरण की सच्चाई सामने आने पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है. उसकी हिरासत नहीं मिलना पुलिस के लिए चिंताजनक है. 

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