Jharkhand crime case Sexual abuse minor girls dance13 years minor pregnant police | झारखंड में डांस के नाम पर नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण, 13 साल नाबालिग गर्भवती, जानें क्या है मामला 
बच्चियों को थाना लाया गया, 17 फरवरी को उक्त बच्चियों को सीडब्ल्यूसी लाया गया। (file photo)

Highlights चाइल्ड वेलफेयर कमेटी(सीडब्ल्यूसी) में किए गए काउंसिलिंग के दौरान नाबालिग तीन बच्चियों ने यह स्वीकार किया है कि उनके साथ दुष्कर्म की घटना हुई हैं।सीडब्यूसी अध्यक्ष उपेंद्रनाथ दुबे की ओर से एक रिपोर्ट गढ़वा के डीसी के अलावा पलामू डीसी को भी भेजा गया है। बच्चियों पर संदेह होने पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पूर्णिमा कुमारी ने उन्हें रोककर पूछताछ की थी।

रांचीः शादी-विवाह सहित अन्य उत्सवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम में ऑरकेस्ट्रा(डांस) करनेवाली एक 13 साल नाबालिग लड़की के गर्भवती हो जाने पर सवाल उठने लगे हैं।

वह पलामू जिले के रामगढ़ की रहनेवाली है। वह अभी उज्ज्वला गृह पलामू (चाइल्ड होम) में रखी गई है। लड़की के गर्भवती होने के बाद से डांस कराने के नाम पर सेक्स रैकेट चलाने की आशंका जाहिर की जा रही है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी(सीडब्ल्यूसी) में किए गए काउंसिलिंग के दौरान नाबालिग तीन बच्चियों ने यह स्वीकार किया है कि उनके साथ दुष्कर्म की घटना हुई हैं।

उक्त बाबत सीडब्यूसी अध्यक्ष उपेंद्रनाथ दुबे की ओर से एक रिपोर्ट गढ़वा के डीसी के अलावा पलामू डीसी को भी भेजा गया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि पिछले 16 फरवरी को रंका जाने के क्रम में उक्त बच्चियों पर संदेह होने पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पूर्णिमा कुमारी ने उन्हें रोककर पूछताछ की थी, उसके बाद बच्चियों को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया था।

उसके बाद उक्त बच्चियों को थाना लाया गया, 17 फरवरी को उक्त बच्चियों को सीडब्ल्यूसी लाया गया। वहां उपेंद्रनाथ दुबे ने सभी बच्चियों का बारी-बारी से बयान कलमबद्ध किया था, उसी दौरान महिला सदस्यों की ओर से भी बच्चियों से अलग-अलग पूछताछ की गई थी। बताया जाता है कि पूछताछ के क्रम में तीन लड़कियों ने उनके साथ दुष्कर्म होने की बात स्वीकार की थी।

पूछताछ के बाद सभी बच्चियों को मेदिनीनगर स्थित उज्ज्वला बालिका गृह भेज दिया गया। वहां भी उनका निजी स्तर पर स्वास्थ्य जांच कराया गया। स्वास्थ्य जांच में एक बच्ची गर्भवती पाई गई है। बताया जाता है कि गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के खुटैलिया टोला निवासी गोरेलाल रंगीला उर्फ गोरेलाल चौधरी अपने घर में कई नाबालिग लड़कियों को रखता है। वह ऑरकेस्ट्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लडकियों से डांस करवाता है। इसी क्रम में पिछले दिनों उसके द्वारा पलामू के सिगसिगा में डांस पार्टी कराने के लिये पांच नाबालिग लडकियों को ले जाया जा रहा था।

सीडब्ल्यूसी में बच्चियों की ओर से दिए बयान के अनुसार उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह अपने माता-पिता की जानकारी में रंका के सिगसिगा गांव डांस करने जा रही थी, उन्होंने बताया कि डांस करने के एवज में उन्हें एक रात में 1000 रुपए मिलते हैं। बकौल एक बच्ची उसके पिता नहीं हैं. उसके पिता की मौत के बाद मां ने उसे छोड़कर दूसरी शादी कर ली, वह अकेली रह गई।

फिलहाल वह रिश्ते की दीदी के यहां चैनपुर में रहती है। उसे पेट के लिए कुछ न कुछ काम करना पड़ता है वहीं एक दूसरी लड़की की मां ने बताया कि उसका घर रंका थाना क्षेत्र में है। उसके पति की मौत करीब आठ साल पहले हो गई। उसके चार बच्चे हैं।वह आदिम जनजाति कोरवा परिवार से है। उसके पास इतनी जमीन भी नहीं है कि उससे दो वक्त के भोजन का जुगाड़ हो। उससे चावल भी नहीं मिलता।

न ही पेंशन मिलता है. उसकी बड़ी बेटी कभी कभार डांस करने जाती है। उससे कुछ मिल जाता है. एक महिला ने कहा कि उसकी बेटी भी डांस करने जाती है। वह मल्लाह परिवार से है. पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. उसके पांच बच्चे हैं. उसकी बेटी भी डांस करने जा रही थी. वह डांस करने जाती है तो 1000 रुपए मिलता है।

उधर, बच्चियों को लेकर जा रहा गोरेलाल चौधरी ने बताया कि पहले वह लौंडा डांस करता था. कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के कारण उसका यह काम भी बंद हो गया. अब वह लड़कियों के साथ मिलकर काम करता है। वह गांव में डांस के लिए सट्टा लिया था. एक लड़की पर उसे दो हजार रुपए मिलना था. उसमें एक हजार लड़कियों को उनकी मजदूरी और बाकी राशि आने जाने में खर्च होता।

उसके साथ उपेंद्र चौधरी नामक दूसरा युवक भी पकड़ा गया। वह भी साथ जा रहा था। उसके संपर्क में करीब 18 नाबालिग लड़कियां हैं. रेस्क्यू कराई गईं सभी नाबालिग लड़कियों को अगले आदेश तक के लिये चाइल्ड होम पलामू भेज दिया गया है. इसी दौरान एक नाबालिग लड़की की तबीयत खराब होने पर उसकी जांच कराई गई, जिसमें वह गर्भवती पाई गई।

बताया जाता है कि ऑरकेस्ट्रा में डांस करनेवाली नाबालिग लड़कियों की मांग गढ़वा जिला सहित सीमावर्ती राज्यों व जिलों में काफी है। इसलिये उन्हें वहां ले जाया जाता है। यह धंधा यहां काफी दिनों से चल रहा है। लड़कियों ने अपने बयान में सीडब्ल्यूसी को बताया कि उन्हें जब काम नहीं मिलता है तो वे सभी ईंट भट्ठे में भी काम करती हैं। इस संबंध में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पूर्णिमा कुमारी ने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्हें कुछ देर पहले ही हुई है. वह इस मामले के सभी पहलुओं को देखते हुए कार्रवाई करेंगी।

Web Title: Jharkhand crime case Sexual abuse minor girls dance13 years minor pregnant police

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