jalgaon hostel girls allegedly stripped dance police personnel forced maharashtra vidhan sabha | पुलिसवालों पर सरकारी हॉस्टल की लड़कियों को नंगा कर के नचाने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा
छात्रावास महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Highlights 4 सदस्यीय समिति को 2 दिनों में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।भाजपा विधायक श्वेता महाले ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि जांच के आदेश दिए गए हैं।

मुंबईः महाराष्ट्र के जलगांव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहाँ कुछ पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने लड़कियों को सरकारी छात्रावास में रहने और नाचने के लिए मजबूर किया।

यह घटना जलगांव शहर में आशादीप महिला छात्रावास में हुई है। स्थानीय एनजीओ ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद यह घटना सामने आई। महाराष्ट्र सरकार द्वारा इस मामले की जांच शुरू की गई है और 4 सदस्यीय समिति को 2 दिनों में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

भाजपा विधायक श्वेता महाले ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया। महाले ने कहा कि इस घटना ने राज्य को शर्मसार कर दिया। बड़ी बात यह है कि इस मामले में पुलिस आरोपी है। महिलाओं को सुरक्षा देने वाले खुद शिकार कर रहे हैं। ऐसी और भी महिलाएं हो सकती हैं, जो शिकार हो सकती हैं। हम इसमें कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि जांच के आदेश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि 4 सदस्यीय समिति को 2 दिनों में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। छात्रावास महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जाता है।

भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस ने सरकार पर हमला बोला है। कहा कि इस घटना की वीडियो क्लिप है। उन्होंने कहा कि वीडियो क्लिप में दिखाई दे रहा है कि लड़की को निर्वस्त्र कर नाचने के लिए मजबूर किया गया जो एक गंभीर मामला है।

इस घटना से जुड़ी एक वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद भाजपा ने विधानसभा में सरकार और गृह मंत्री अनिल देशमुख को जमकर घेरा। भारी हंगामे के बीच देशमुख ने ऐलान किया कि  मामले में दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

निराधार और पारिवारिक हिंसा की शिकार लड़कियों को रखा जाता है आशादीप महिला शासकीय आश्रयगृह में उन महिलाओं और लड़कियों रखा जाता है, जो निराधार, विधवा और पारिवारिक हिंसा की शिकार होती हैं। कुंवारी माताओं और अनाथ लड़कियों को भी यहां पनाह दी जाती है। 1983 में इसकी स्थापना की गई थी। वर्ष 2006 से इसे आश्रयगृह घोषित किया गया है, यहां महिलाओं को स्वालंबन के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

क्या है मामला? गत एक मार्च को जलगांव के महिला सुधारगृह में लड़कियों को निर्वस्त्र होकर नाचने के लिए मजबूर किए जाने का मामला उस वक्त सामने आया, जब पीड़ित लड़कियों ने इस घटना की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ताओं को दी। घटना की वीडियो क्लिप वायरल हो गई। कहा जा रहा है कि रात में पुलिसकर्मी और युवा सुधारगृह में आते हैं और पैसे देकर अनैतिक कृत्य करते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता मंगला सोनवणे और फीरोज पिंजारी ने मामले की जानकारी जिलाधिकारी अभिजीत राऊत को देकर कार्रवाई करने की मांग की थी, कार्रवाई नही करने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

Web Title: jalgaon hostel girls allegedly stripped dance police personnel forced maharashtra vidhan sabha

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