गोपालगंजः कुष्ठ रोगी मां-बाप को बेटा-बहू ने घर से निकाला, सड़क के किनारे दो मीटर के पॉलीथिन में रहने को मजबूर

By एस पी सिन्हा | Published: June 26, 2022 08:13 PM2022-06-26T20:13:45+5:302022-06-26T20:14:55+5:30

पिछले पांच दिनों से मां-बाप जादोपुर-मंगलपुर पुल के पास सड़क के किनारे दो मीटर के पॉलीथिन के नीचे आंसुओं की सैलाब में डूबे हैं.

Gopalganj son and daughter-in-law leprosy patient parents evicted house forced live in two meters polythene side road bihar | गोपालगंजः कुष्ठ रोगी मां-बाप को बेटा-बहू ने घर से निकाला, सड़क के किनारे दो मीटर के पॉलीथिन में रहने को मजबूर

बिशुनपुर गांव निवासी 70 वर्षीय दरोगा सहनी पिछले 15 वर्षो से कुष्ठ रोग से ग्रासित हैं. इकलौता बेटा भिखन सहनी कुछ वर्षों तक इलाज करवाया.

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Highlights बुजुर्ग पिता की बूढ़ी हड्डियां काम करने के लायक नहीं बची हैं. आंखों से आंसू बनकर झर-झर गिर रहे हैं. ग्रामीण भी सहयोग करने में लाचार हैं क्योंकि बेटे-बहू के द्वारा उन्हें भी रोका जा रहा है.

पटनाः बिहार में गोपालगंज जिले के सदर प्रखंड के बिशुनपुर गांव से एक ह्रदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक कलयुगी बेटे ने अपने ही वृद्ध मां-बाप को घर से निकाल दिया है. जिसके बाद मां-बाप बिशनपुर गांव के पास बांध पर शरण लेकर जीवन गुजारने को बाध्य हैं.

 

पिछले पांच दिनों से मां-बाप जादोपुर-मंगलपुर पुल के पास सड़क के किनारे दो मीटर के पॉलीथिन के नीचे आंसुओं की सैलाब में डूबे हैं. ग्रामीणों द्वारा उन्हे खाने पीने के सामान दिया जा रहा था, लेकिन उसके बहू द्वारा दिये जा रहे गाली के कारण ग्रामीण अब उसका मदद भी चाह कर भी नहीं कर पा रहे हैं.

हाल तह है कि बुजुर्ग पिता की बूढ़ी हड्डियां काम करने के लायक नहीं बची हैं. एक तो रोग और दूसरा अपनों से मिले जख्म उनके आंखों से आंसू बनकर झर-झर गिर रहे हैं. पांच दिनों से उनको भोजन तक नसीब नहीं हुए थे. पति के पास बैठी बुजुर्ग महिला की जुबान नहीं खुल रही सिर्फ आंखों से आंसू निकल रहे हैं. कभी उसने सोचा तक नहीं होगा कि उनको यह दिन भी देखना पड़ सकता है.

इनकी दशा को देख मानवता कांप उठती है. अभी ग्रामीण भी सहयोग करने में लाचार हैं क्योंकि बेटे-बहू के द्वारा उन्हें भी रोका जा रहा है. ऐसे में ग्रामीण प्रशासन के स्तर पर सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि बिशुनपुर गांव निवासी 70 वर्षीय दरोगा सहनी पिछले 15 वर्षो से कुष्ठ रोग से ग्रासित हैं. इकलौता बेटा भिखन सहनी कुछ वर्षों तक इलाज करवाया.

लेकिन पिछले दो तीन माह से उसे घर से निकाल दिया.  जिससे दोनों वृद्ध दम्पति इधर इधर भटके और अंत मे एक सरकारी स्कूल में शरण ले लिए. लेकिन स्कूल खुलने के बाद अब ये दंपति नदी के बांध पर चिलचिलाती धूप व बारिश में एक प्लास्टिक के सहारे जीवन गुजारने को विवश हैं. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

आरोपी बेटा भिखन सहनी का कहना है कि 15 वर्षों से कुष्ठ रोग है. काफी इलाज करवाया ठीक नहीं हुआ. शौच जाने में दिक्कत होती है. इसलिए बांध पर प्लास्टिक लगाकर रख दिये हैं. खाना पीना भी दिया जाता है. लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि दरोगा सहनी कुष्ठ रोग से ग्रसित है.

लेकिन उसका बेटा छुआछूत को लेकर घर से निकाल दिया और ऐसे जगह पर लाकर छोड़ दिया जहां सुनसान इलाका है. वहां ना तो पानी की व्यवस्था है और ना ही खाने को ही कुछ देता है. 4 दिनों से यह दंपति कुछ नहीं खाए हैं. इनकी बहू भी लगातार गालियां देती है इससे हम लोग चाहकर भी नहीं कुछ कर पा रहे हैं. 

Web Title: Gopalganj son and daughter-in-law leprosy patient parents evicted house forced live in two meters polythene side road bihar

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