यजुवेंद्र चहल ‘शॉर्ट्स’ पहन कर क्रिकेट खेलने के पक्ष में नहीं

यजुवेंद्र चहल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मैच में भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। मैच के बाद चहल ने बातचीत के दौरान कहा कि वह क्रिकेट को फुटबॉल और टेनिस की तरह ‘शॉर्ट्स’ पहन कर खेलने के पक्ष में नहीं हैं।

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Published: July 23, 2022 02:51 PM2022-07-23T14:51:50+5:302022-07-23T14:54:29+5:30

Yuzvendra Chahal not in favor of playing cricket wearing 'shorts' | यजुवेंद्र चहल ‘शॉर्ट्स’ पहन कर क्रिकेट खेलने के पक्ष में नहीं

भारत के अनुभवी लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल (फाइल फोटो)

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Highlights‘शॉर्ट्स’ पहन कर क्रिकेट खेलने के पक्ष में नहीं हैं चहलकहा- घुटनों का ध्यान रखना होता है इसलिए फुल पैंट जरूरीचहल बोले- कोच हमेशा मेरा समर्थन करते हैं

पोर्ट ऑफ स्पेन: भारत के अनुभवी लेग स्पिनर क्रिकेट को फुटबॉल और टेनिस की तरह ‘शॉर्ट्स’ पहन कर खेलने के पक्ष में नहीं है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए पहले एकदिवसीय मैच के बाद जब चहल से पूछा गया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए क्या क्रिकेट को भी ट्राउजर (पतलून) की जगह ‘हाफ पैंट’ पहन कर खेला जाना चाहिये तो उन्होंने इस विचार को खारिज कर दिया। चहल ने कहा, ‘‘ नहीं, नहीं , मैं ऐसा नहीं मानता हूं, क्योंकि जब भी आप मैदान पर फिसलते हैं तो आपको अपने घुटनों का ध्यान रखना होता है, यह बहुत कठिन होता है। मेरे दोनों घुटने पहले ही चोटिल हो चुके हैं, वहां चोट के कई निशान हैं। मुझे लगता है कि ‘फुल पैंट’ हमारे लिए अच्छा काम करती है।’’

मैच में भारतीय टीम के रोमांचक जीत और उनकी गेंदबाजी के बारे में पूछे जाने पर चहल ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मुश्किल परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का उन्हें फायदा हुआ। इसके साथ ही राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाले कोचिंग दल ने उनका काफी हौसला बढ़ाया है। चहल ने कहा, ‘‘ कोच हमेशा मेरा समर्थन करते हैं। वह मुझसे कहते हैं, ‘यूजी आप अपने मजबूत पक्ष पर भरोसा और उसका समर्थन करो।’’ चहल ने मैच के 45वें ओवर में उस समय ब्रैंडन किंग (54) का अहम विकेट चटकाया जब लग रहा था वेस्टइंडीज की टीम 309 रन के लक्ष्य को हासिल कर लेगी। चहल ने कहा, ‘‘ जब कोच और प्रबंधन इस तरह से आपका हौसला बढ़ते है तो आप हमेशा मैदान में अपना सर्वश्रेष्ठ करने के लिए तैयार रहते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं हमेशा अपने मजबूत पक्ष का समर्थन करता हूं, मुझे पता था कि गेंद पुरानी हो गई है और बल्लेबाजों को परेशान करेगी। इसलिए मैं अपनी लाइन बदल रहा था। लेग साइड की सीमा रेखा छोटी थी इसलिए गेंदबाजी के समय उसे भी ध्यान में रखना था। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव आईपीएल से आया है, क्योंकि वहां मैं 16वां, 17वां और 18वां ओवर फेंक रहा था, इसलिए मुझे वहां से आत्मविश्वास मिला। मेरी भूमिका साफ थी, 40वें ओवर के बाद मुझे दो-तीन ओवर करने को कहा गया था। इसलिए मैं उसी के अनुसार अभ्यास करता हूं और गेंदबाजी कोच के साथ योजना भी बनाता हूं।’’

इस बडे़ स्कोर वाले रोमांचक मैच में चहल ने 10 ओवर में 58 रन खर्च कर दो विकेट लिये। वेस्टइंडीज को आखिरी 10 ओवर में जीत के लिए 90 रन की जरूरत थी और उसके पांच विकेट बचे हुये थे ऐसे में चहल और मोहम्मद सिराज ने सूझ-बूझ से गेंदबाजी करते हुए टीम को तीन रन की रोमांचक जीत दिलायी।

इनपुट- एजेंसी

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