ipl 2013 spot fixing how sreesanth chandila and ankeet chavan signalled to bookies | Sports Flashback: IPL-2013 के वह तीन मैच जिससे निकला था स्पॉट फिक्सिंग का जिन्न

Highlightsदिल्ली पुलिस ने 2013 में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पॉट फिक्सिंग का किया खुलासाबीसीसीआई ने लगाया है श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध, कोर्ट अब भी चल रहा है मामलाश्रीसंत के साथ अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण भी फंसे थे इस मामले में

नई दिल्ली, 16 मई: क्रिकेट के सुपरहिट इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इतिहास में एक वो मौका भी आया जब कई फैंस का इससे भरोसा उठ गया था। बात 2013 की है जब आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का मामला पहली बार सामने आया। इसने साल- 2000 के बाद न केवल पहली बार भारतीय क्रिकेट की साख पर बट्टा लगाया बल्कि एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण जैसे खिलाड़ी इस विवाद में फंसकर अपने उभरते क्रिकेट करियर से हाथ धो बैठे।

आईए, हम आपको बताते हैं आईपीएल के उसी काले दौर की कहानी, जब स्पॉट फिक्सिंग का मामला सामने आया। दिल्ली पुलिस ने इसका भांडाफोड़ किया और मामलों की सुनवाई अब भी कोर्ट में है। बहरहाल, हम आपको जो भी बता रहे हैं, वह सब दिल्ली पुलिस द्वारा तब किए प्रेस कॉन्फ्रेंस और आरोपों के मुताबिक है। पुलिस ने तब तीन मैचों की कहानी बताई और उन ओवरों और गेंदों का भी जिक्र किया जिस पर फिक्सिंग हुई थी। 

दिल्ली पुलिस ने बकायदा वीडियो और ओवर से पहले खिलाड़ियों द्वारा बुकी को संकेत देने के लिए किए गए इशारों का भी जिक्र किया और बताया कि कैसे फिक्सिंग का पूरा खेल हुआ। (और पढ़ें- Sports Flashback: 1999 का वो मैच जिसमें वेस्टइंडीज की हुई 'जीत', पर ICC ने घोषित किया टाई)

दिल्ली पुलिस ने किया था खुलासा

पुलिस के मुताबिक 2013 में 5 मई को जयपुर में हुए राजस्थान रॉयल्स Vs पुणे वॉरियर्स और 9 मई को मोहाली में हुए राजस्थान रॉयल्स Vs किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैचों में स्पॉट फिक्सिंग हुई थी। साथ ही 15 मई को मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच में स्पॉट फिक्सिंग होने का दावा पुलिस ने किया।

दिल्ली पुलिस ने 16 मई 2013 को आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का खुलासा किया। इसके आरोप में राजस्थान रॉयल्स के एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद सट्टेबाजी को लेकर भी बड़ी गिरफ्तारी हुई। (और पढ़ें- IPL स्पॉट फिक्सिंग: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, श्रीसंत के बैन पर जुलाई तक हाई कोर्ट सुनाए फैसला)

राजस्थान और पुणे के बीच मैच में स्पॉट फिक्सिंग के सबूत

राजस्थान और पुणे के बीच ये मैच 5 मई को खेला गया था। पुलिस के अनुसार अजीत चंदीला इस मैच के एक ओवर में 14 रन देने के लिए राजी हो गए थे। हालांकि, वह इशारा देना भूल गए। पुलिस के मुताबिक अमित नाम के बुकी से बातचीत में ये तय हुआ था कि चंदीला बॉलिंग से पहले अपना टी-शर्ट उठाएंगे और ऊपर की ओर देखेंगे। चंदीला ने इस ओवर में 14 रन दिए लेकिन चूकी इशारा देना वह भूल गए थे इसलिए मैच के बाद उनके और बुकी के बीच पैसों को लेकर बहस हुई थी।

श्रीसंत पर लगे ये आरोप 

पुलिस ने यह भी बताया कि 9 मई को राजस्थान और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच में श्रीसंत ने स्पॉट फिक्सिंग के लिए 40 लाख रुपये लिए थे। डील के अनुसार उन्हें एक ओवर में 13 रन देने थे। पुलिस के अनुसार ये डील हुई थी कि श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग वाला ओवर डालने से पहले बुकी को संकेत देने के लिए अपने ट्राउजर में तौलिया लगाकर गेंदबाजी करेंगे। (और पढ़ें- Sports Flashback: IPL का सबसे रोमांचक मुकाबला, जब द्रविड़ ने गुस्से में फेंक दी थी अपनी कैप)

पुलिस ने वीडियो फुटेज का सहारा लेते हुए बताया कि श्रीसंत ने इस ओवर से पहले अपने ट्राउजर में कोई तौलिया नहीं लगाया था लेकिन इसके बाद के ओवर में उन्होंने ऐसा किया। श्रीसंत के अनुसार अपने दूसरे ओवर में उन्होंने न केवल इशारा देने के लिए ट्राउजर में तौलिया लगाया बल्कि बुकीज को तैयारी के लिए पूरा समय देने के गेंदबाजी से पहले वॉर्म अप किया और कुछ स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज भी किए। डील के अनुसार श्रीसंत ने इस ओवर में 13 रन भी दिए। 

राजस्थान और मुंबई के बीच मैच में स्पॉट फिक्सिंग

पुलिस के अनुसार राजस्थान और मुंबई इंडियंस के बीच 15 मई को खेले गए मैच के तीसरे ओवर और अंकित चव्हाण के दूसरे ओवर में फिक्सर चाहते थे कि 13 से इससे ज्यादा रन आएं। पुलिस के अनुसार यही हुआ भी और उन्होंने 15 रन दिए। पहले ओवर में चव्हाण ने केवल दो रन दिए। लेकिन जब वह दूसरा ओवर डालने आए तो पहले ही गेंद पर छक्का लगा। इसके बाद दूसरे गेंद पर दो रन बने। तीसरे गेंद पर फिर से छक्का लगा और फिर चौथी गेंद पर कोई रन नहीं आए। पांचवें गेंद पर एक रन आया और फिर आखिरी गेंद पर एक बार फिर कोई रन नहीं आया। (और पढ़ें- IPL: 'प्यार का पंचनामा' की एक्ट्रेस ने ऋषभ पंत के लिए लिखा शानदार मैसेज, मिला कुछ ऐसा जवाब)