ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने उठाया ये कदम, जानिए क्या है कारण

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Published: November 11, 2021 08:29 PM2021-11-11T20:29:07+5:302021-11-11T20:30:14+5:30

जोमैटो के मुख्य कार्यकारी (सीईओ) दीपिंदर गोयल ने कहा कि हम लेबनान में अपने परिचालन को भी बंद कर रहे हैं।

Online food delivery company Zomato stopped officially pulled out all international markets US, UK, Singapore Lebanon | ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने उठाया ये कदम, जानिए क्या है कारण

जोमैटो का सितंबर में समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध घाटा बढ़कर 434.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

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Highlightsजोमैटो के लिए राजस्व के मामले में भारत सबसे बड़ा बाजार है।संयुक्त अरब अमीरात का स्थान है।चीनी व्यापार समूह अलीबाबा जैसा समान नेटवर्क बनाने का है।

नई दिल्लीः ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अमेरिका, इंग्लैंड, सिंगापुर और अब लेबनान सहित अपने लगभग सभी अंतरारष्ट्रीय व्यवसायों को बंद करने का फैसला किया है। केवल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में काम जारी रखा है। 

जोमैटो के मुख्य कार्यकारी (सीईओ) दीपिंदर गोयल ने कहा, “हम लेबनान में अपने परिचालन को भी बंद कर रहे हैं, जो कि एकमात्र अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय है, जो हमारे पास (यूएई में डाइनिंग-आउट व्यवसाय के अलावा) बचा हुआ है, जो हमारे बाकी अंतरराष्ट्रीय को बंद कर रहा है।”

जोमैटो के लिए राजस्व के मामले में भारत सबसे बड़ा बाजार है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात का स्थान है। कंपनी ने पिछली तिमाही में सिंगापुर स्थित ज़ोमैटो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (जेडएमपीएल), यूके स्थित ज़ोमैटो यूके लिमिटेड (जेडयूएल) और यूएस-आधारित सहायक नेक्सटेबल इंक को भी बंद कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, यह जोमैटो के 'क्लीन अप ड्राइव' का हिस्सा है।

Zomato ने बताया कि वह अगले 1-2 सालों में 1 अरब डॉलर और निवेश करने की योजना बना रही है और इस दौरान क्विक कॉमर्स सेक्टर के स्टार्अटप पर विशेष फोकस रहेगा। शेयर बाजार में इस साल धमाकेदार लिस्टिंग के साथ एंट्री करने वाली जोमैटा का इरादा इन निवेश से अपने बिजनेस में विविधता लाना है।

कंपनी अगले दो वर्षों में अपने ईकॉमर्स नेटवर्क का विस्तार करने के लिए भारतीय स्टार्टअप्स में करीब एक अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी का इरादा युवा स्टार्टअप्स पर दांव लगाकर संजीव बिखचंदानी के नेतृत्व वाली इन्फोएज और चीनी व्यापार समूह अलीबाबा जैसा समान नेटवर्क बनाने का है।

ज़ोमैटो ने तीन भौगोलिक क्षेत्रों की पहचान की है-

1ः भारत

2ः संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)

3ः शेष विश्व (जैसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मलेशिया, यूएसए, लेबनान, तुर्की, चेक, स्लोवाकिया, पोलैंड, कतर, आयरलैंड)।

जोमैटो का दूसरी तिमाही का शुद्ध घाटा बढ़कर 434.9 करोड़ रुपये पर

जोमैटो का सितंबर में समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध घाटा बढ़कर 434.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। खाने-पीने के सामान की डिलिवरी के कारोबार में निवेश की वजह से कंपनी का घाटा बढ़ा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 229.8 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी एकीकृत परिचालन आय बढ़कर 1,024.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान तिमाही में 426 करोड़ रुपये थी। जोमैटो के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपिंदर गोयल और मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अक्षत गोयल ने एक पत्र में कहा, ‘‘हमारा नुकसान बढ़ने की वजह यह है कि हमने अपने डिलिवरी कारोबार को बढ़ाने के लिए निवेश किया है।’’

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