NHAI FASTag: 2022 में फास्टैग के जरिए कुल टोल संग्रह 50855 करोड़ रुपये, जानें 2021 में क्या है आंकड़े

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Published: January 24, 2023 06:29 PM2023-01-24T18:29:21+5:302023-01-24T18:30:31+5:30

NHAI FASTag: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शुल्क वाले प्लाजा पर 2021 में फास्टैग के जरिए कुल 34,778 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ था।

NHAI FASTag record Toll collections FASTag touched Rs 50855 crore in 2022 highest yearly figure and 46% more than in 2021 | NHAI FASTag: 2022 में फास्टैग के जरिए कुल टोल संग्रह 50855 करोड़ रुपये, जानें 2021 में क्या है आंकड़े

प्लाजा की संख्या भी बढ़कर 1,181 (323 राज्य राजमार्ग प्लाजा समेत) हो गई जो 2021 में 922 थी।

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Highlights 2022 में सालाना आधार पर करीब 48 फीसदी बढ़ी है।2021 और 2022 में यह संख्या क्रमश: 219 करोड़ रुपये और 324 करोड़ रुपये थी। प्लाजा की संख्या भी बढ़कर 1,181 (323 राज्य राजमार्ग प्लाजा समेत) हो गई जो 2021 में 922 थी।

NHAI FASTag: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का शुल्क वाले प्लाजा पर फास्टैग के जरिए कुल टोल संग्रह 2022 में 46 फीसदी बढ़कर 50,855 करोड़ रुपये रहा। इसमें राज्य राजमार्गों के टोल प्लाजा का संग्रह भी शामिल है।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शुल्क वाले प्लाजा पर 2021 में फास्टैग के जरिए कुल 34,778 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ था। एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के शुल्क वाले प्लाजा पर दिसंबर 2022 में फास्टैग से मिलने वाला दैनिक औसत टोल संग्रह 134.44 करोड़ रुपये रहा और एक दिन का सर्वाधिक संग्रह 24 दिसंबर 2022 को 144.19 करोड़ रुपये था। बयान के अनुसार फास्टैग लेनदेन की संख्या भी 2022 में सालाना आधार पर करीब 48 फीसदी बढ़ी है।

2021 और 2022 में यह संख्या क्रमश: 219 करोड़ रुपये और 324 करोड़ रुपये थी। एनएचएआई ने बताया कि अब तक 6.4 करोड़ फास्टैग जारी किए गए हैं और 2022 में देश में फास्टैग के जरिए शुल्क काटने वाले प्लाजा की संख्या भी बढ़कर 1,181 (323 राज्य राजमार्ग प्लाजा समेत) हो गई जो 2021 में 922 थी।

फास्टैग की मदद से शुल्क वाले प्लाजा पर इंतजार का समय उल्लेखनीय रूप से घटा है क्योंकि इस व्यवस्था में शुल्क अदा करने के लिए टोल बूथ पर रूकने की जरूरत नहीं पड़ती। सरकार ने 16 फरवरी 2021 से सभी निजी और वाणिज्यिक वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य बना दिया है। जिन वाहनों पर वैध या चालू फास्टैग नहीं होता उन्हें जुर्माने के रूप में टोल शुल्क की दोगुनी राशि का भुगतान करना पड़ता है। 

Web Title: NHAI FASTag record Toll collections FASTag touched Rs 50855 crore in 2022 highest yearly figure and 46% more than in 2021

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