Adani Group Shares: अदाणी ग्रीन, अदाणी एनर्जी, अदाणी टोटल गैस, अदाणी पावर सहित 11 कंपनियों के शेयरों में 15% तक की तेजी, जानें वजह
By सतीश कुमार सिंह | Published: November 29, 2024 11:34 AM2024-11-29T11:34:24+5:302024-11-29T11:35:31+5:30
Adani Group Shares: बीएसई पर अदाणी ग्रीन एनर्जी के शेयर में 14.64 प्रतिशत, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में 13.54 प्रतिशत, अदाणी टोटल गैस में 7.33 प्रतिशत, अदाणी पावर में 4.90 प्रतिशत और एनडीटीवी के शेयर में 4.54 प्रतिशत की तेजी आई।
Adani Group Shares: अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, एनर्जी सॉल्यूशंस, टोटल गैस लिमिटेड और पावर लिमिटेड जैसे अदाणी समूह के शेयर शुक्रवार के कारोबार में 15 फीसदी तक चढ़ गए हैं। अमेरिकी रिश्वत मामले पर स्पष्टीकरण के बाद बड़े निवेशकों ने समूह में विश्वास जताया। समूह द्वारा यह कहे जाने के बाद कि उसकी सभी पोर्टफोलियो कंपनियों के पास कम से कम अगले 12 महीनों के लिए सभी ऋण भुगतान किया जाएगा। अदाणी के शेयरों में भी तेजी आई। अदाणी समूह की सभी 11 सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को तेजी आई। बीएसई पर अदाणी ग्रीन एनर्जी के शेयर में 14.64 प्रतिशत, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में 13.54 प्रतिशत, अदाणी टोटल गैस में 7.33 प्रतिशत, अदाणी पावर में 4.90 प्रतिशत और एनडीटीवी के शेयर में 4.54 प्रतिशत की तेजी आई।
अंबुजा सीमेंट्स का शेयर 2.90 प्रतिशत, सांघी इंडस्ट्रीज का 2.44 प्रतिशत, अदाणी पोर्ट्स का 2.25 प्रतिशत, अदाणी विल्मर का 2.24 प्रतिशत, अदाणी एंटरप्राइजेज का 2.11 प्रतिशत और एसीसी का 1.34 प्रतिशत चढ़ा। इस बीच, बीएसई सेंसेक्स ने 688.31 अंक की बढ़त के साथ 79,732.05 अंक पर और एनएसई निफ्टी ने 192.65 अंक चढ़कर 24,106.80 अंक पर कारोबार किया।
इससे पहले अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) ने अदाणी समूह के संस्थापक चेयरमैन गौतम अदाणी पर अमेरिका में अभियोग के बावजूद समूह में निवेश को लेकर उसका नजरिया न बदलने का आश्वासन दिया। श्रीलंका बंदरगाह प्राधिकरण और तंजानिया सरकार ने भी अदाणी समूह को पूरा समर्थन देने की बात कही है।
अदाणी समूह का कहना है कि उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में अमेरिका के विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) के उल्लंघन का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। बल्कि उन पर प्रतिभूति धोखाधड़ी के तहत आरोप लगाया गया है जिसमें मौद्रिक दंड लगाया जा सकता है।
एजीईएल पर आरोप है कि सौर ऊर्जा बिक्री ठेका हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 26.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिश्वत दी गई, जिससे कंपनी को 20 वर्ष की अवधि में दो अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ हो सकता था। कंपनी के अनुसार, एजीईएल के तीन अधिकारियों पर केवल प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश, वायर धोखाधड़ी की साजिश और प्रतिभूति धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
आम तौर पर ऐसे आरोपों के लिए दंड रिश्वतखोरी की तुलना में कम गंभीर होते हैं। अदाणी समूह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए किया है और अपने बचाव के लिए हर संभव कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही है।