Khashogi: Trump's Feet Feeling | खाशोगी: ट्रम्प की गीदड़ भभकी
डोनाल्ड ट्रंप की फाइल फोटो

सऊदी अरब के प्रसिद्ध पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या का मामला अब गजब का तूल पकड़ रहा है। हर साल दर्जनों पत्रकारों की हत्या के मामले सामने आते हैं लेकिन वे उन देशों के आंतरिक मामले होते हैं। यह मामला तीन देशों के बीच का है। सऊदी अरब, अमेरिका और तुर्की। तुर्की के शहर इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास है। खाशोगी इस दूतावास में अपने कानूनी कागजात लेने गए थे ताकि एक तुर्की महिला से उनकी शादी हो सके। उन्हें कागजात लेने के लिए जिस दिन बुलाया गया था (2 अक्तूबर), उस दिन उनकी मंगेतर भी उनके साथ गई थी। वह घंटों इंतजार करती रही और खाशोगी बाहर ही नहीं आए।

तुर्की सरकार का कहना है कि खाशोगी की तत्काल हत्या कर दी गई और उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर फेंक दिए गए। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यदि सऊदी अरब की सरकार ने यह हत्या की है तो वे उसे कठोर सजा देंगे। ट्रम्प ने ऐसा इसलिए कहा है कि खाशोगी आजकल सऊदी अरब छोड़कर अमेरिका में रह रहे थे और ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के लिए काम कर रहे थे। खाशोगी के मामले में यूरोपीय राष्ट्र भी काफी भन्नाए हुए हैं। खाशोगी और सऊदी अरब के 33 वर्षीय शासक मोहम्मद बिन सलमान के बीच काफी दिनों से ठनी हुई थी। शहजादे सलमान के खिलाफ खाशोगी जमकर लिखते रहे हैं। 

यदि उनकी हत्या के बारे में तुर्की का आरोप सही निकला तो शहजादे सलमान की इज्जत पेंदे में बैठ जाएगी। लेकिन ट्रम्प ने जो धमकी दी है, वह कोरी गीदड़-भभकी दिखाई पड़ती है, क्योंकि अमेरिकी हथियारों की खरीद के लिए सऊदी अरब ने 110 बिलियन डॉलर का सौदा कर रखा है। ट्रम्प ने खुद माना है कि यदि वे इस सौदे को रद्द कर देंगे तो अमेरिका के लगभग साढ़े चार लाख लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। सऊदी अरब ने कहा है कि यदि अमेरिका कोई दुस्साहस करेगा तो उसका वह मुंहतोड़ जवाब देगा। जाहिर है बड़बोले ट्रम्प अपने बच निकलने का रास्ता खोज लेंगे।


Web Title: Khashogi: Trump's Feet Feeling
विश्व से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करे