Fido Dido: How a cartoon character became a face of Pepsico 7up softdrink | Fido Dido: एक रेस्टुरेन्ट में नैपकीन पर बना था ये चेहरा पहली बार, जो बाद में बन गया 7Up की पहचान!

1985 की सुबह एक रेस्टुरेन्ट में बैठे Joanna Ferrone और Sue Rose बातें कर रहे थे कि बात करते – करते ही Sue Rose ने नैपकीन पर एक चेहरा बना डाला। एक Careless और Boy Next Door जैसा ये कार्टून कैरेक्टर उनको पसंद आया और बाद में उन्होंने इस चेहरे को टी-शर्ट पर प्रिंट करा कर मार्केट उतार दिया। इस  कार्टून कैरेक्टर के साथ एक Slogan भी प्रिंटेड था –

“Fido is for Fido, Fido is against no one”

फिर क्या था इसका नाम पड़ गया Fido Dido और पूरे न्यूयॉर्क में मच गयी इसकी धूम.  Fido Dido की लोकप्रियता देखकर 1987 में  PepsiCo ने इसे खरीद लिया और इसका लाइसेंस कम्पनी के नाम करवा लिया।

1990 के बाद से Fido Dido, PepsiCo के प्रोडक्ट्स की एक पहचान बन गया और 7Up सॉफ्टड्रिंक का ब्रांड एम्बेस्डर बनते ही भारत में भी इसकी लोकप्रियता ज़बरदस्त फ़ैली। 90 के दशक के बच्चों में Fido Dido का ज़बरदस्त क्रेज़ था और वो 7Up सॉफ्टड्रिंक सिर्फ Fido Dido के लिये पीते थे. Fido Dido टी शर्ट्स, Fido Dido पोस्टर्स, Fido Dido वीडियो गेम्स, Fido Dido मैगज़ीन पूरी दुनिया में छा से गए.

फिर आया इस सुपरस्टार का Downfall और धीरे – धीरे खोने लगा ये नाम और चेहरा और साथ ही 7Up की पहचान। साल 2000 के बाद एक बार फिर Fido Dido वापस आया लेकिन अकेला नहीं अपने बेटे Mario और बेटी Julia P. Dido के साथ और फिर से बना ये परिवार 7Up का चेहरा लेकिन नहीं चला इस बार Fido  Dido का जादू और रह गया वो गुमनाम।

विश्व में ना सही लेकिन अभी भी Fido  Dido, PepsiCo के Turkish soft drink Fruko की एक पहचान के तौर पर जाना जाता है.

                                       कुछ भी हो “We still miss and love our cute Fido Dido”

English summary :
Fido Dido: The Story behind How a cartoon character became a face of Pepsico 7up softdrink


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